भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली ने पंचकूला में प्रेसवार्ता कर आपातकाल के काले दौर की याद दिलाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर भाजपा ने बुधवार को प्रदेश भर में कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को आपातकाल के काले दौर की याद दिलाई। जिला स्तर पर हुए कार्यक्रमों में लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया। भाजपा मुख्यालय में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने प्रेस वार्ता कर कांग्रेस की ओर से थोपे गए आपातकाल को इतिहास का काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी स्वाभाविक रूप से लोकतंत्र विरोधी पार्टी है। उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर न केवल संविधान को कुचला बल्कि प्रेस की आजादी और नागरिकों के अधिकारों को बंधक बनाया।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 1975 में आपातकाल की घोषणा कोई राष्ट्रीय संकट का नतीजा नहीं थी, बल्कि यह एक डरी हुई प्रधानमंत्री की सत्ता बचाने की रणनीति थी, जिसे न्यायपालिका से मिली चुनौती से बौखला कर थोपा गया था। कांग्रेस का आज भी वही रवैया है। आपातकाल के दौरान एक परिवार को संविधान से ऊपर रखने वाली कांग्रेस आज भी राहुल-प्रियंका के इर्द-गिर्द सिमटी हुई है और सत्ता की चाबी अब भी सिर्फ खानदानी जेब में रखी जाती है।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने का नाटक रच रहे राहुल गांधी यह कैसे भूल जाते हैं कि उनकी दादी इंदिरा ने दिल्ली के तुर्कमान गेट पर अपने घरों को बचाने के लिए गुहार लगाने वाले गरीबों पर गोलियां चलवाईं थीं।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने क्रूरता की हदें पार कीं। लोगों की जबरदस्ती नसबंदी करवाई गई। कांग्रेस आज संविधान की दुआई देती घूम रही है, उसे अपने अतीत में झांककर देख लेना चाहिए। इस मौके पर विधायक शक्ति रानी शर्मा, जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, प्रदेश मीडिया सह प्रमुख नवीन गर्ग भी मौजूद रहे।
कार्यक्रमों से चौधरी बंसीलाल के परिवार को रखा दूर
भाजपा आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ को काला दिवस के रूप में मना रही है। इसके लिए 54 वरिष्ठ नेताओं की अगुवाई में 22 जिलों में 27 स्थानों पर कार्यक्रम रखे गए। इन कार्यक्रमों से प्रदेश सरकार की मंत्री श्रुति चौधरी और उनकी मां राज्यसभा सांसद किरण चौधरी को दूर रखा गया। दरअसल, आपातकाल के दौरान उनके परिवार के मुखिया चौधरी बंसीलाल की भूमिका खलनायक के तौर पर थी। भाजपा ने अपने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए फिलहाल दोनों से दूरी बनाकर रखी। इस बारे में भाजपा नेताओं से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने दलील दी कि कई वरिष्ठ नेताओं की ड्यूटी नहीं लगाई गई है।