हरियाणा सरकार ने नियमों में संशोधन कर जारी की अधिसूचना
चंडीगढ़। हरियाणा में सरकारी सहायता प्राप्त निजी महाविद्यालयों के कर्मचारियों के मानसिक या शारीरिक रूप (मानसिक विकार या विकलांगता) से पीड़ित बच्चों को भी अब पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने से वंचित नहीं रखा जाएगा। ऐसे में अब कर्मचारियों के बच्चों को भी पेंशन मिलेगी। इस संबंध में उच्चतर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव विनीत गर्ग ने अधिसूचना जारी कर दी है।
पिछले दिनों मंत्रिमंडल ने हरियाणा संबद्ध महाविद्यालय (पेंशन एवं अंशदायी भविष्य निधि) नियम 1999 को पुन: संशोधित कर उच्चतर शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। संशोधित नियमों के तहत मानसिक विकार से पीड़ित या शारीरिक रूप से अपंग या विकलांग, चाहे उनकी आयु कुछ भी हो, बशर्ते कि वे कर्मचारी के जीवित रहते उस पर पूरी तरह से आश्रित रहे हों, उन्हें अब पारिवारिक पेंशन का लाभ दिया जाएगा।
इन महाविद्यालयों के कर्मचारी संगठन पिछले कई सालों से पीड़ित बच्चों के लिए पेंशन की मांग कर रहे थे। संगठनों का कहना था कि बाकी सभी कॉलेजों के कर्मचारियों के पीड़ितों काे लाभ दिया जा रहा है, मगर उनके बच्चों को इससे वंचित रखा जा रहा है। कई बार पत्राचार के बाद हरियाणा सरकार ने अब जाकर उनकी सुनीं और उनके बच्चों को भी राहत दी है।