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Chandigarh-Haryana News: 12 घंटे में दो बार सरल पर मेंटीनेंस, फिर भी हजारों आवेदक बेहाल

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अमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़/हिसार/करनाल। सरल पोर्टल की तकनीकी बाधाएं वीरवार को भी दूर नहीं हो सकीं। 12 घंटे में दो बार मरम्मत का काम हुआ, फिर भी पोर्टल पटरी पर नहीं लाैटा। फिलहाल प्रदेश में हजारों आवेदकों से लेकर सीएससी (काॅमन सर्विस सेंटर) तक बेहाल हैं। आवेदकों की मांग है कि सीईटी के आवेदन की तिथि को बढ़ाया जाए।
सरल पोर्टल पर बुधवार रात दो बजे से वीरवार की सुबह छह बजे तक मरम्मत का कार्य किया गया। वीरवार को सरल पोर्टल देरी से खुला। दिनभर पोर्टल पर धीमी गति से काम हुआ, फिर भी काम पटरी पर नहीं लाैटा तो एनआईसी (राष्ट्रीय सूचना केंद्र) के अधिकारियों ने वीरवार शाम चार बजे से शाम छह बजे तक यानी दो घंटे तक फिर से मरम्मत का काम कराया। करनाल में कई आवेदकों के मोबाइल फोन पर प्रमाण पत्र जारी होने का संदेश तो पहुंचा, लेकिन उनके प्रमाणपत्र प्रिंट नहीं निकल पाए।
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वर्जन
अधिक आवेदन के कारण रात में भी दिक्कत आई थी। पोर्टल की मरम्मत का काम करा दिया है।
सतपाल शर्मा, एनआईसी निदेशक सरल
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आवेदकों की मांग, तिथि बढ़े, आयोग बोला अभी विचार नहीं

सरल पोर्टल पर प्रमाण-पत्र बनवाने का कार्य बेहद धीमा या अटक रहा है। इसलिए आवेदक मांग कर रहे हैं कि सीईटी के लिए आवेदन की तिथि 12 जून से आगे बढ़ाई जाए। रोहतक के सीएससी संचालक विनय का कहना है कि आवेदकों का तर्क है कि सात दिन ही बचे हैं, जबकि पोर्टल काम नहीं कर रहा। वहीं, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के सदस्य भूपेंद्र चाैहान का कहना है कि अभी आगामी तिथि बढ़ाने को लेकर कोई विचार नहीं है।
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हिसार के बालसमंद व पातन में जिंदा लोगों के मांगे मृत्यु प्रमाण-पत्र
हिसार के बालसमंद के सीएससी संचालक राजकुमार ने सरल पोर्टल को लेकर बड़ी तकनीकी त्रुटि बताई। राजकुमार के अलावा पातन निवासी रोशनलाल ने बताया कि तीन दिन से जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सीएससी सेंटर पर आ जा रहे हैं, लेकिन पता चला कि पोर्टल पर मृत्यु प्रमाण पत्र मांगे जा रहे हैं, जबकि मेरे माता-पिता जीवित हैं। झज्जर में पिछले करीब 20 दिनों से यहां जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन रहे।
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जीटी बेल्ट के जिलों में भी परेशानी

चरखी दादरी में सीईटी के पंजीकरण को लेकर आवेदक कुसुम वर्मा, सुषमा, सुनीता व दीपक तीन दिनों से परेशान हैं, प्रमाण-पत्र नहीं बन सके। भिवानी, फतेहाबाद से लेकर जीटी बेल्ट के छह जिलों में भी सरल पोर्टल आमजन के लिए कठिन बना हुआ है। जीटी बेल्ट में अंबाला, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत व यमुनानगर में सबसे ज्यादा दिक्कत अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को हो रही है, क्योंकि उन्हें अब एससी का प्रमाण पत्र बनवाना होगा। पिछड़ा वर्ग के प्रमाण पत्र भी नहीं बन रहे।
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फोटो संख्या : 82- करनाल में मोबाइल पर प्रमाण-पत्र बनने के मैसेज आ रहे, लेकिन नहीं हो रहे प्रिंट
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