दो दिन बाद नौ नवंबर को देवी लाल पार्क पिपली कुरुक्षेत्र में होने वाली सफाई व सीवर कर्मचारियों की महापुकार रैली अभूतपूर्व एवं विशाल होने के साथ-साथ प्रदेश के सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का रास्ता भी इजाद करेगी। यह दावा नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बसाऊ राम ने किया। उन्होंने कहा कि महापुकार रैली प्रदेश में सफाई कर्मचारियों के सामाजिक आर्थिक, शारीरिक शोषण एवं उनके संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति और भविष्य के आंदोलन के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
सफाई कर्मचारी नेताओं ने दावा किया कि राज्य के प्रत्येक गांव शहर और सभी सरकारी, अर्द्ध सरकारी, निगम, बोर्ड, यूनिवर्सिटी, पालिका, परिषद् नगर निगम, पंचायत एवं प्राइवेट संस्थानों में काम करने वाले संगठित और असंगठित तथा अलग-अलग संगठनों के कर्मचारी रैली में शामिल होंगे। रैली की तैयारी के लिए दर्जनों टीम प्रदेश भर के सफाई कामगारों से संपर्क में जुटी हुई है। सफाई कर्मचारी नेताओं ने कहा कि उन्होंने सभी संगठनों को एकजुट करते हुए सफाई कामगार संघर्ष समिति का गठन किया है। सफाई कामगार संघर्ष समिति के बैनर तले 9 नवंबर 2025 को देवीलाल पार्क कुरुक्षेत्र में महापुराण रैली का आयोजन किया जाएगा।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव मांगेराम तिगरा पर ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के महासचिव विनोद कुमार ने कहा की सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व सीआईटीयू हरियाणा व उसकी संबंधित यूनियनों से समन्वय बनाते हुए सभी सफाई कर्मचारी संगठनों को एक मंच पर इकट्ठा करने के लिए ऑल सफाई कामगार संघर्ष समिति का गठन किया गया है। अब आगामी आंदोलन का एलान संघर्ष समिति रैली के मंच से करेंगी।
रैली की ये हैं प्रमुख मांगें
- सीवर व सफाई के कार्य में ठेका प्रथा समाप्त की जाए।
- मानदेय, दिहाड़ी व पार्ट टाइम आदि कुप्रथाओं को बंद किया जाए और सभी प्रकार के कच्चे व पार्ट टाइम ठेका कर्मचारियों को बिना शर्त पक्का किया जाए।
- 400 की आबादी के अनुपात में सफाई व सीवर कर्मचारियों के पद सृजित किए जाएं व नियमित भर्ती की जाए।
- सफाई कर्मचारियों का पुनर्वास किया जाए। 100-100 वर्ग गज के प्लॉट मकान बनाने के लिए ग्रांट दी जाए या 3 बीएचके के फ्लैट सभी सुविधाओं सहित दिए जाएं।
- सफाई सीवर के कार्य में आज भी अप्रत्यक्ष रूप से मैला उठाया जाता है। सुरक्षा उपकरणों के अभाव में बीमारियां लगने से मौत होने का अत्यधिक खतरा होता है। इसलिए सभी पक्के-कच्चे-दिहाड़ी दार ठेका सफाई कर्मचारियों का कम से कम 50 लाख रुपए का बीमा करवाया जाए।