अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में डीजीपी के पद पर नियुक्ति को लेकर लॉबिंग तेज हो गई है। यूपीएससी को भेजे गए पैनल में शामिल आलोक मित्तल व अजय सिंघल के बीच कड़ा मुकाबला है। दोनों में किसी एक को डीजीपी के पद पर नियुक्त किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि यूपीएससी की ओर से बिना बैठक किए भी तीन नामों की सूची सरकार को भेजी जा सकती है। ऐसे में संभव हुआ तो सरकार 31 दिसंबर की रात तक भी नया डीजीपी के नाम का पत्र जारी कर सकती है। वहीं, डीजी जेल आलोक राय को दिया गया तीन महीने के सेवा विस्तार की अंतिम तारीख आज है। ऐसे में राज्य सरकार यूपीएससी को भेजे गए पैनल में किसी एक को डीजी जेल का अतिरिक्त प्रभार सौंप सकती है।
वहीं, 31 तक डीजीपी के नाम की घोषणा नहीं होती है तो सरकार पैनल में से ही किसी अधिकारी को कार्यवाहक डीजीपी का पद सौंप सकती है। दरअसल कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह 31 दिसंबर को रिटायर होंगे। ऐसे में 31 दिसंबर की रात तक पुलिस महकमे में बड़े फेरबदल की सूची आ सकती है। वहीं, डीजी जेल आलोक राय का सेवा विस्तार 30 दिसंबर को खत्म हो रहा है। उनकी जगह किस अधिकारी को नियुक्त किया जाना है, उसकी फाइल मुख्यमंत्री के पास पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि 30 दिसंबर की रात तक डीजी जेल का कार्यभार भी अलॉट किया जा सकता है। आलोक राय को तीन महीने का सेवा विस्तार दिया गया था। यूपीएससी को भेजे गए पैनल में पैनल में 5 आईपीएस अफसरों का नाम शामिल है। हरियाणा सरकार ने 16 दिसंबर को यूपीएससी को 5 अधिकारियों शत्रुजीत कपूर (1990 बैच), एसके जैन (1991 बैच), अजय सिंघल (1992 बैच), आलोक मित्तल और अर्शिंदर चावला (दोनों 1993 बैच) का प्रस्ताव भेजा गया है।