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Chandigarh-Haryana News: कब्रिस्तान की भूमि लीज पर देने को हाईकोर्ट में चुनौती, यथास्थिति का आदेश

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-हाईकोर्ट ने हरियाणा वक्फ़ बोर्ड प्रशासक को जारी किया नोटिस
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नूंह के गांव पाड़ला शाहपुरी स्थित कब्रिस्तान भूमि को लीज पर देने को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए भूमि को लेकर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है। साथ ही याचिका पर वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।

साहुन व अन्य ने याचिका दाखिल करते हुए बताया कि वक्फ़ बोर्ड प्रशासक ने 22 अगस्त को लीज आदेश जारी कर ग़ैर मुमकिन कब्रिस्तान को निजी व्यक्तियों के नाम पर पट्टे पर देने का निर्णय लिया है। यह पट्टा ग़ैरकानूनी, मनमाना, अधिकार क्षेत्र से बाहर है, क्योंकि यह वक्फ़ अधिनियम का उल्लंघन करता है। याची ने अजीत पाल सिंह बनाम निदेशक, ग्रामीण विकास एवं पंचायत, पंजाब मामले का हवाला देते हुए कहा कि इसमें हाईकोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि कब्रिस्तान भूमि को न तो बेचा जा सकता है और न ही पट्टे पर दिया जा सकता है। क्योंकि वह धार्मिक उद्देश्य के लिए समर्पित भूमि है। याचिका में यह भी कहा गया कि हरियाणा सरकार ने 26 अगस्त 2021 को वक्फ़ बोर्ड को भंग कर दिया था और उसके स्थान पर प्रशासक की नियुक्ति की थी। अतः प्रशासक के पास धारा 32 और 51 के तहत नई लीज देने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं था, विशेष रूप से जब भूमि धार्मिक दफन भूमि हो।
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याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि उक्त लीज़ आदेश 22 अगस्त को निरस्त किया जाए। साथ ही पूर्व में पारित बेदखली आदेश को लागू किया जाए और कब्रिस्तान भूमि को उसके मूल धार्मिक उपयोग हेतु बहाल किया जाए। सुनवाई के दौरान हरियाणा वक्फ़ बोर्ड के वकील ने यह आपत्ति उठाई कि मामला वक्फ़ ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि मामला संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 25 और 26 के तहत मौलिक अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित है, जिन पर ट्रिब्यूनल कोई राहत नहीं दे सकता।
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