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Chandigarh-Haryana News: जनसुविधाओं में कमी, दोनों बिजली निगमों की रैंकिंग गिरी

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- डीएचबीवीएन की 11 से घटकर 17वां रैंक व यूएचबीवीएन की छठवीं से 21वां नंबर पहुंचा
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- बिजली वितरण कंपनियों की 14वीं इंटीग्रेटेड रेटिंग रिपोर्ट

चंडीगढ़। देश की बिजली वितरण कंपनियों की 14वीं इंटीग्रेटेड रेटिंग रिपोर्ट में जनसुविधाओं में कमी के चलते प्रदेश के दोनों बिजली निगमों की रैंकिंग गिरी है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) पिछली बार 11वीं स्थान से गिरकर 17वें और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) छठे स्थान से 21वें पर पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक डीएचबीवीएन को इस बार 74.44 अंक और यूएचबीवीएन को 66.32 अंक के साथ एक ग्रेड मिला है। जबकि पिछली बार 14वीं इंटीग्रेटेड रेटिंग रिपोर्ट में दोनों निगमों को क्रमश: 87.59 और 92.83 अंक के साथ एक प्लस ग्रेड मिला था। यह रिपोर्ट पाॅवर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) ने केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के मार्गदर्शन में तैयार किया है।


रेटिंग रिपोर्ट बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति, बिजली आपूर्ति, बिलिंग-कलेक्शन, घाटा, उपभोक्ता सेवाओं और प्रशासनिक दक्षता जैसे कई पैमानों पर मूल्यांकन करती है। रेटिंग में गिरावट का सीधा संकेत है कि डीएचबीवीएन के लिए लाइन लॉस, बिल वसूली में कमजोरी, बढ़ता घाटा और उपभोक्ता शिकायतों का समय पर समाधान न होना बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में बिजली कटौती, फॉल्ट ठीक करने में देरी और स्मार्ट मीटर जैसे प्रोजेक्ट्स की धीमी रफ्तार भी रेटिंग गिरने के अहम कारण माने जा रहे हैं।
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इसी तरह यूएचबीवीएन में बिजली आपूर्ति, वित्तीय प्रबंधन, लाइन लॉस, बिल वसूली और उपभोक्ता सेवाओं के मोर्चे पर हालात बिगड़े हैं। खासकर शहरी और अर्ध शहरी क्षेत्रों में बार-बार बिजली कटौती, फॉल्ट ठीक करने में देरी और उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को लेकर पहले से ही नाराजगी बनी हुई है। इन्हीं मानकों पर यूएचबीवीएन का स्कोर पिछली बार की तुलना में काफी नीचे आया है।


इसी तरह रिपोर्ट में जहां गुजरात की चारों डिस्कॉम लगातार ए प्लस ग्रेड में टॉप पर बनी हुई हैं वहीं हरियाणा की यह प्रमुख डिस्कॉम पीछे फिसल गई है। रिपोर्ट में यह अंतर बताता है कि बेहतर प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन से बिजली व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
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हरियाणा से पंजाब का रैंक बेहतर, हिमाचल का खराब
पड़ोसी राज्यों की तुलना में पंजाब स्टेट पाॅवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को 14वीं इंटीग्रेटेड रेटिंग रिपोर्ट में 89.22 अंक और ए प्लस ग्रेड मिला है जो पहले से बेहतर प्रदर्शन है। वहीं, पंजाब में सभी वर्गों को 300 यूनिट बिजली भी निशुल्क है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (एचपीएसईबीएल) को 53.69 अंक के साथ बी ग्रेड मिला है जो हरियाणा से कमजोर स्थिति रही है। वहीं, राजस्थान की डिस्कॉम्स जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में अधिकतर बी या बी माइनस ग्रेड में हैं और कुछ का प्रदर्शन गिरा भी है।
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