- सबसे प्रदूषित तमिलनाडु का थूथुकुडी का एक्यूआई 486
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदूषण की रफ्तार हरियाणा में कम नहीं हो रही है। सोमवार को देशभर में सबसे प्रदूषित दूसरा शहर कैथल रहा जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 393 दर्ज किया गया जो बेहद खराब श्रेणी में शामिल है और गंभीर श्रेणी से मात्र 7 नंबर कम है। पहला सबसे प्रदूषित शहर तमिलनाडु का थूथुकुडी का एक्यूआई 486 रहा।
हरियाणा के कुल पांच शहरों में हवा बेहद खराब श्रेणी में रही। इनमें बल्लभगढ़ में 320, फतेहाबाद में 313, जींद में 354 और मानेसर में 340 एक्यूआई रहा। खराब श्रेणी में हरियाणा के बहादुरगढ़ में 202, भिवानी में 206, चरखीदादरी में 215, गुरुग्राम में 235, करनाल में 280, कुरुक्षेत्र में 284, नारनौल में 217, पंचकूला में 294, सिरसा में 287, सोनीपत में 284 और यमुनानगर में 263 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
एक दिन पहले रविवार को धारूहेड़ा का एक्यूआई 434 रहा जो देश में सबसे प्रदूषित था। बेहद खराब श्रेणी में शामिल 23 शहरों में 9 हरियाणा के थे। इनमें बहादुरगढ़ में 313, बल्लभगढ़ में 319, गुरुग्राम में 357, जींद में 314, कैथल में 341, करनाल में 348, कुरुक्षेत्र में 344, पंचकूला में 308 और यमुनानगर में 320 एक्यूआई दर्ज किया गया था।
प्रदूषण बढ़ने के कारण
पीजीआई चंडीगढ़ में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर रविंद्र खैवाल ने बताया कि हरियाणा के जिलों में प्रदूषण के तीन कारण लगातार बरकरार हैं। पहला दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के बॉर्डर एरिया से आने वाली हवा, दूसरा कई जिलों में प्रदूषण मापने वाली मशीनों को गलत स्थान पर स्थापित करना और तीसरा पराली के बढ़ते मामले हैं।