हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ एवं अनुभवी आईपीएस अधिकारी संयुक्त पुलिस आयुक्त फरीदाबाद राजेश दुग्गर को गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें पुलिस सेवा में उनके लगभग 32 वर्षों के निष्कलंक, साहसिक और विशिष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया है।
राजेश दुग्गर ने 9 दिसंबर 1993 को हरियाणा पुलिस में अपनी सेवा की शुरुआत की थी। अपनी प्रभावशाली कार्यशैली, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और बेदाग छवि के कारण उन्होंने पुलिस विभाग में एक अलग पहचान बनाई। लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने आंदोलनों, धरना-प्रदर्शनों, हड़तालों, राजनीतिक गतिविधियों, चुनावी सुरक्षा, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की कानून-व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, संगीन अपराधों की रोकथाम और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जैसे अनेक संवेदनशील क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया।
झज्जर और पलवल में पुलिस अधीक्षक रहते हुए उन्होंने नशा तस्करी और अवैध हथियारों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट व आर्म्स एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई कर अपराध पर कड़ा प्रहार किया। रोहतक, रेवाड़ी, झज्जर, पलवल, पानीपत और नूंह जैसे जिलों में एसपी/पुलिस कप्तान के रूप में सेवाएं देने के साथ-साथ वे गुरुग्राम में डीसीपी (अपराध) और फरीदाबाद पुलिस कमिश्नरेट में चार बार पुलिस उपायुक्त के पद पर तैनात रहे।
वर्ष 2008 में गुरुग्राम के उद्योग विहार क्षेत्र में सहायक पुलिस आयुक्त रहते हुए कुख्यात अपराधी राजीव उर्फ पोचू के साथ मुठभेड़ में उनके अद्वितीय साहस और वीरता के लिए उन्हें स्वतंत्रता दिवस 2010 पर राष्ट्रपति का वीरता के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। इसके अलावा गणतंत्र दिवस 2014 पर उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान किया गया।
वर्ष 2024 में बल्लभगढ़ में डीसीपी पद पर रहते हुए उन्हें पुलिस उपमहानिरीक्षक के पद पर पदोन्नति मिली। इसके बाद उन्होंने संयुक्त पुलिस आयुक्त गुरुग्राम और राज्य अपराध शाखा में सेवाएं दीं। नवंबर 2024 से वे फरीदाबाद में संयुक्त पुलिस आयुक्त के रूप में तैनात हैं, जहां उनके पास शस्त्र लाइसेंसिंग अथॉरिटी और यातायात का अतिरिक्त कार्यभार भी है।
फरीदाबाद पुलिस परिवार को राजेश दुग्गर जैसे कर्मठ, निष्ठावान और साहसी अधिकारी पर गर्व है। उनकी सेवाएं न केवल पुलिस विभाग बल्कि समाज में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं।