कृषि उपनिदेशक डॉ. गिरीश नागपाल
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जींद के सफीदों में एक कीटनाशक उत्पादन इकाई में अवैध रूप से की जा रही ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ कार्रवाई के बाद निलंबित हुए जींद के कृषि उपनिदेशक डॉ. गिरीश नागपाल को सरकार ने क्लीन चिट दे दी है।
कृषि और कृषक कल्याण विभाग हरियाणा की ओर से उनका निलंबन आदेश वापस ले लिया गया है। इस मामले में अतिरिक्त निदेशक रोहताश सिंह और राजेंद्र सिंह सोलंकी की अध्यक्षता में दो बार जांच कमेटियां गठित की गई थीं मगर शिकायतकर्ता जांच के दौरान सबूत व तथ्य पेश नहीं कर पाया। जिसके बाद कमेटी ने कृषि उपनिदेशक को क्लीन चिट दी।
अपने निलंबन आदेश को उपनिदेशक गिरीश नागपाल ने हाईकोर्ट में भी चुनौती दी थी। जिसके बाद इस आदेश पर स्टे लगा दिया गया था। हाईकोर्ट ने भी इस मामले में हरियाणा सरकार से जवाब मांगा हुआ है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. गिरीश नागपाल ने बताया कि उन्होंने शिकायत मिलने के बाद जींद के सफीदों में एक कीटनाशक उत्पादन इकाई में दबिश दी थी। इस कार्रवाई के बाद गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्रवण गर्ग ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए उन पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाए थे। इसी मामले की जांच के लिए अगस्त व दिसंबर 2024 में गठित की गईं आला अफसरों की दोनों जांच कमेटियों ने शिकायतकर्ता को पांच बार कमेटी के समक्ष पेश होकर संबंधित शिकायत के संदर्भ में सबूत और तथ्य पेश करने को कहा मगर एक बार भी शिकायतकर्ता कमेटी के समक्ष पेश नहीं हुआ।
दोनों कमेटियों की रिपोर्ट के बाद अब कृषि और कृषक कल्याण विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल ने जींद के कृषि उपनिदेशक को इस मामले में क्लीन चिट देते हुए उनका निलंबन आदेश वापस ले लिया है।
13 नवंबर को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए हरियाणा सरकार को आखिरी मौका दिया था। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से यह पूछा है कि कृषि उपनिदेशक के निलंबन का आधार क्या था और उन्हें किन परिस्थितियों में निलंबित किया गया था। हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी, इस दौरान हरियाणा सरकार को अपना जवाब दाखिल करना है।