चंडीगढ़ में सीएम सैनी जिला सिविल अस्पतालों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
चंडीगढ़। सीएम नायब सैनी ने वीरवार को प्रदेश के निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम करने के लिए सभी सिविल अस्पतालों को उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला अस्पतालों में मरीजों के लिए उपलब्ध सेवाएं निजी कक्ष, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, स्वचालित प्रयोगशालाएं, ब्लड बैंक और एक्स-रे की समीक्षा करते मशीनों को अच्छी स्थिति में रखने के निर्देश दिए हैं। चंडीगढ़ में सीएम सैनी जिला सिविल अस्पतालों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में सिविल अस्पतालों के बुनियादी ढांचे पर बताया कि पंचकूला, जींद, गुरुग्राम, कैथल, मांडीखेड़ा (नूंह), रेवाड़ी, सिरसा और कुरुक्षेत्र सहित आठ सिविल अस्पतालों में विशेष मरम्मत और नवीनीकरण का काम चल रहा है। इसके अलावा अंबाला, भिवानी, पलवल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, नारनौल, फतेहाबाद, फरीदाबाद, रोहतक, हिसार और चरखी दादरी सहित 13 जिला अस्पतालों में जल्द काम शुरू करने की तैयारी हैं।
450 रिक्त पदों पर डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द
सीएम ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को बढ़ाने के लिए डॉक्टरों के 450 रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जन औषधि केंद्र 24 घंटे खोले जाए। इन केंद्रों पर अब 534 तरह की दवा उपलब्ध हैं।
बैठक में सीएम को बताया कि मौजूदा 114 सरकारी आरक्षित पैकेजों में पांच नए चिकित्सा और शल्य चिकित्सा पैकेज जोड़े गए हैं। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सार्वजनिक या सरकारी अस्पतालों की भागीदारी बढ़ाने, चिकित्सा और शल्य चिकित्सा पैकेजों के अधिक उपयोग को रोकने की दिशा में पहले से 114 सरकारी आरक्षित पैकेजों के अतिरिक्त पांच चिकित्सा और शल्य चिकित्सा पैकेज सरकारी आरक्षित किए गए हैं। इनमें फोल्डेबल हाइड्रोफोबिक एक्रिलिक के साथ फेकोएमल्सीफिकेशन, एब्डोमिनलहिस्टेरेक्टॉमी, सीओपीडी का तीव्र विस्तार, गंभीर निर्जलीकरण और कोलेसिस्टेक्टोमी के साथ तीव्र गैस्ट्रोएंटेराइटिस- सीबीडी शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त इस योजना में 10 अन्य पैकेज को शामिल करना प्रस्तावित है। इनमें पूरे घुटने का प्रतिस्थापन, पूरे कूल्हे का प्रतिस्थापन, टिम्पेनोप्लास्टी, हर्निया की मरम्मत, एपेंडिसेक्टॉमी, एडेनोइडेक्टॉमी, हेमरोइडेक्टॉमी, टॉन्सिलेक्टॉमी, हाइड्रोसील और खतना शामिल हैं।