- सीएम ने म्हारी सड़क एप की शिकायतों के तुरंत समाधान व अटकी परियोजनाओं में तेजी लाने के दिए निर्देश
- गड्ढे नहीं भरने पर होगी कार्रवाई, गुणवत्ता में लापरवाही पर ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में सड़क निर्माण के लिए तारकोल की उपलब्धता अब काम रोकने का कारण नहीं बनेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगर तारकोल मिलने में देरी हो रही है तो सड़क निर्माण रोकने के बजाय सीमेंटेड सड़क का विकल्प अपनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को हरियाणा निवास में प्रमुख विभागीय अधिकारियों के साथ वर्ष 2025-26 के सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण और मरम्मत में तय समय सीमा का पालन जरूरी है। देरी करने वाले ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया जाएगा जबकि गुणवत्ता में लापरवाही मिलने पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने म्हारी सड़क एप पर दर्ज गड्ढों और क्षतिग्रस्त सड़कों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए। मरम्मत पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट भी एप पर डालनी होगी। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। प्रदेश की सभी सड़कों की मैपिंग कर उनकी स्थिति और रखरखाव का रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा।
सीएम ने रेलवे से प्रभावित और लंबित सड़क परियोजनाओं की सूची तैयार कर रेलवे के साथ समन्वय से आरओबी और अंडरब्रिज के निर्माण में तेजी लाने को कहा है। औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सड़कों पर भी जोर दिया गया। बैठक में लोक निर्माण विभाग समेत करीब दस विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।