जन शिकायतों के निपटान को लेकर मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को दिए कड़े निर्देश
चंडीगढ़। समस्या समाधान शिविर में दोबारा शिकायत आई तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे समाधान शिविरों के तहत प्राप्त होने वाली प्रत्येक जन शिकायत को गंभीरता से लें। शिकायत चाहे छोटी हो या बड़ी। उसका समाधान जल्द करें। इसमें कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।
सीएम ने कहा कि यदि किसी नागरिक को एक ही मुद्दे को लेकर बार-बार समाधान शिविर में आना पड़ता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही होगी। उन्होंने उपायुक्तों से कहा कि वे सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दें कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लें ताकि लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े।
सीएम नायब सिंह शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इसमें समाधान शिविरों के अंतर्गत जन शिकायतों के निवारण की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ जिलों में लंबित शिकायतों की संख्या पर कड़ा संज्ञान लिया और संबंधित उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे विशेष रूप से पुराने लंबित मामलों पर प्राथमिकता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि सभी लंबित शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान किया जाए ताकि लंबित मामलों की संख्या शून्य कर लोगों की शिकायतों का निवारण सुनिश्चित किया जा सके।
सीएम ने कहा कि पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस अधिकारी प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषजनक समाधान करें। समाधान शिविरों के दौरान संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें ताकि जन शिकायतों का मौके पर ही त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, सेवा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी अनुपमा, मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।