हरियाणा सरकार के प्रस्ताव को यूपीएससी ने नहीं माना
चंडीगढ़। हरियाणा कैडर की विवादित आईएएस रानी नागर को फिलहाल जबरन रिटायर नहीं किया जाएगा। हरियाणा सरकार के प्रस्ताव को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने नहीं माना है। हालांकि, उनका ग्रेड कम करने का प्रस्ताव केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय को भेजा गया है। नागर हरियाणा कैडर की 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं।
रानी नागर दिसंबर 2021 से गैर हाजिर चल रही हैं। लापरवाही की वजह से उन्हें चार्जशीट भी किया जा चुका है। लगातार छुट्टी पर रहने की वजह से उन्हें मुख्य सचिव की ओर से चार बार नोटिस भी भेजा गया, मगर उन्होंने किसी का जवाब नहीं दिया। इसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें जबरन सेवानिवृत्त करने की सिफारिश की थी। यूपीएससी ने हरियाणा सरकार के प्रस्ताव पर असहमति जताते हुए कहा कि इसमें रानी नागर का कोई जवाब नहीं है।
हरियाणा सरकार ने यूपीएससी के प्रस्ताव भी कई बार रानी नागर को भेजे, मगर उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया है। अब हरियाणा सरकार केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय को अवगत कराएगी कि उन्हें कई बार भी पत्र भेजा गया है, मगर कोई जवाब नहीं मिला।
रानी नागर को आखिरी बार अभिलेखागार विभाग में अतिरिक्त सचिव और निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया था। इस पद पर उन्होंने 27 अक्तूबर, 2020 तक सेवाएं दी। रानी नागर को भेजे गए नए नोटिस में उन्हें विकल्प दिया है कि वे चाहें तो ईमेल से भी अपना जवाब दे सकती हैं।