गुरुग्राम में हर बारिश के बाद होने वाले जलभराव, घंटों लगने वाले जाम और आम लोगों, खासकर स्कूली बच्चों की परेशानी पर हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने शहर की वर्षा जल निकासी व्यवस्था और इससे जुड़े पूरे नागरिक बुनियादी ढांचे का व्यापक तकनीकी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अलग-अलग जलभराव वाले स्थानों पर अस्थायी उपायों के बजाय पूरे शहर के लिए एकीकृत नागरिक बुनियादी ढांचा पुनर्गठन योजना तैयार करने को कहा है।
जस्टिस ललित बत्रा की अध्यक्षता वाली फुल बेंच ने अगस्त में प्रकाशित समाचार रिपोर्टों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए यह निर्देश दिए। आयोग ने कहा कि 24 अगस्त को करीब 75 मिलीमीटर बारिश के बाद सुभाष चौक, राजीव चौक, नरसिंहपुर, इफको चौक, सोहना रोड, शीतला माता रोड और एनएच-48 समेत कई इलाकों में जलभराव हुआ। कई घंटे जाम रहने से स्कूल बसों में बच्चे फंसे रहे और एंबुलेंस व अन्य आपात वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
आयोग ने गुरुग्राम के 99 चिन्हित जलभराव वाले स्थानों के साथ प्राकृतिक नालों, पुराने जलमार्गों, तालाबों और बाढ़ मार्गों की भी जांच के निर्देश दिए हैं। इनका जीआईएस आधारित मानचित्र तैयार होगा और जहां जल निकासी में अवरोध, अतिक्रमण या अनधिकृत निर्माण मिले, वहां नियमानुसार कार्रवाई बतानी होगी।