ड्रग्स की बात छुपाने, ड्रग्स से जुड़े बच्चों के सवालों से बचने या शुरुआती संस्कार में उन्हें दुष्प्रभाव नहीं बताना कोई रास्ता नहीं है। यह बात एचएसएनसीबी प्रमुख ओपी सिंह ने अमर उजाला के युद्ध-नशे के विरुद्ध अभियान कार्यक्रम के दौरान कही है।
बच्चों में ड्रग्स पर बात नहीं करने, उसे छिपाने या सप्लाई कंट्रोल पर जोर देने लोग बच जाएंगे तो हम उसका स्वागत करते हैं, क्योंकि हम इससे भाग नहीं रहे है। हरियाणा में मजबूती के साथ जमीनी स्तर नशा तस्करों के खिलाफ शिकंजा कसा गया है, परिणाम स्वरूप साल 2024 में बड़े नशा तस्करों पर 40 फीसदी ज्यादा गिरफ्तारी सहित तमाम प्रहार किए हैं। सप्लाई कंट्रोल ठीक मगर सिर्फ उस पर निर्भर रहना ठीक नहीं है। ड्रग्स के मूल खात्मे के लिए उसके दुष्प्रभाव को बच्चों के परवरिश व संस्कार का हिस्सा बनाना होगा।
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जैसे हम बच्चों को संस्कार देते समय समझाते हैं कि हिंदू को गाय को मांस नहीं खाना, मंदिर में नहा कर जाना और जूता पहनकर नहीं जाना और बाहर कपड़े पहनकर जाना है। इसी तरह ड्रग्स के दुष्प्रभाव को भी समझाएं कि ये नहीं करना है। जिस दिन ये टैबू बन गया ना कोई नशा लेकर घूमता भी रहा तो उसे खरीदार नहीं मिलेगा। अमर उजाला के अभियान युद्ध नशे के विरुद्ध कार्यक्रम में पंचकूला सेक्टर-1 स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बतौर विशेष अतिथि उपस्थिति हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो प्रमुख डीजीपी ओपी सिंह ने संबोधित किया।
एचएसएनसीबी प्रमुख ओपी सिंह ने कहा कि ड्रग्स को रोकने में पैरेटिंग बहुत महत्वपूर्ण है। पैरेंट्स व टीचर दोनों को मालूम होना चाहिए कि जब आप बच्चों से ड्रग्स के बारे आपको क्या बात करनी है। ड्रग्स की बात छुपाने, ड्रग्स से जुड़े बच्चों के सवालों से बचने या शुरुआती संस्कार में उन्हें दुष्प्रभाव नहीं बताना कोई रास्ता नहीं है। बच्चों को बताना चाहिए कि जिस तरह से इंजन में बालू डालने से बंद हो जाता है, उसी तरह ड्रग्स से दिमाग बंद हो जाएगा।
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बच्चों को जैसे बोलचाल, कपड़ा पहनना, मंदिर जाना और तमाम चीजें सिखाते है, उसी उन्हें ड्रग्स के बारे में बताएं। अब शराब की दुकानों का लाइसेंस है तो बंद नहीं किया जा सकता, मगर संस्कार में शामिल हुआ तो वे किसी के जबरन मुंह में नशा डालने से भी नशा नहीं करेंगे। इसी तरह ड्रग्स कंज्यूम करने वालों को बचाने के साथ उनके दिमाग को भी प्रोग्राम करें। सड़क हादसे में हेलमेट नहीं पहनने के साथ जान गंवाने वाले मृतक के दाह संस्कार में बाइक सवार बिना हेलमेट जाता है, फिर बाद में सड़क सुरक्षा पर बड़ी-बड़ी बातें करता है।
अमर उजाला को बधाई
एचएसएनसीबी प्रमुख ओपी सिंह ने कहा कि अमर उजाला को नशे के खिलाफ अभियान चलाने को लेकर बहुत बधाई देता हूं। अमर उजाला ने जिम्मेदारी से भी आउट आफ वे जाकर पूरी पड़ताल के साथ खबरों को माध्यम से खामियां उजागर किया है। खामियां लिखना भी अखबार की जिम्मेदारी हैं, जो अमर उजाला ने किया भी है। अखबार ने दिखाया कि आपको भी नशे के खिलाफ लड़ना होगा। यह समस्या बड़ी है मगर नई है।
तस्करों पर कड़ा प्रहार
प्रदेश में तस्करों के खिलाफ साल 2024 में कन्वेंक्शन रेट 49 फीसदी से बढ़कर 54 फीसदी हुआ है। प्रदेश में 111 तस्करों की बिल्डिंग गिराई और 107 तस्करों के 52 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। सबसे अहम ऐसे तस्कर जो तस्करी के समय पकड़े नहीं जा रहे थे, उन 63 तस्करों की पहचान कर प्रिवेंटिव एक्शन के कानून पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत एक वर्ष के लिए सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। प्रदेश से ज्यादा सिर्फ कश्मीर में 200 तस्कर पर पिट की कार्रवाई हुई है।
मेरी मां कहती थीं, मुश्किलें तो आएंगी
ओपी सिंह ने कहा कि बचपन में मेरी मां कहती थीं कि मुश्किलें आएंगी, मगर मजबूत बने रहो, आंधी तूफान आएंगे तो खिड़की बंद रखो। मेरी बेटी स्कूल से आकर पूछती थीं कि पापा ये तनाव क्या होता है। सीधा है कि पैरेंट्स व टीचर को ड्रग्स की बात छुपाने के चक्कर में उनकी उत्सुकता खत्म ना करें।