500 रुपये प्रति बैठक के बजाय अब मिलेंगे 2,000 रुपये, 15 अक्तूबर से लागू होंगी नई दरें
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने करीब नौ साल बाद बुजुर्गों के भरण-पोषण से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली ट्रिब्यूनल के गैर-सरकारी सदस्यों का मानदेय चार गुना बढ़ा दिया है। अब इन सदस्यों को प्रत्येक बैठक के लिए 500 रुपये के बजाय 2,000 रुपये मिलेंगे। पहले लागू 500 रुपये की दर 21 जुलाई 2017 से चल रही थी। सरकार ने बढ़ा हुआ मानदेय 15 अक्तूबर 2026 से लागू किया है।
इस संबंध में सामाजिक न्याय, सशक्तीकरण, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय विभाग ने 21 अक्तूबर को अधिसूचना जारी की है। यह फैसला हरियाणा माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण नियम 2009 के तहत लिया गया है। इन नियमों के तहत माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए ट्रिब्यूनल और अपीलीय ट्रिब्यूनल की व्यवस्था है। इनके गैर-सरकारी सदस्यों और सुलह अधिकारियों को सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार यात्रा भत्ता, बैठक भत्ता और मानदेय दिया जा सकता है। ताजा अधिसूचना में गैर सरकारी सदस्यों के मानदेय की दर बढ़ाई गई है।सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना पर होने वाला खर्च सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण से संबंधित बजट मद से किया जाएगा।