स्वास्थ्य विभाग का हेल्पलाइन नंबर 104 मरीजों के लिए रामबाण साबित हो रहा है। इस हेल्पलाइन नंबर की मदद से मरीजों को दवाएं, बेड की समस्या हल होने के साथ डॉक्टरों की सीधी बुकिंग जैसी सुविधा मिल रही हैं। वहीं, डॉक्टरों के बुरे बर्ताव संबंधी शिकायतें सीधी दर्ज हो रही हैं। इन शिकायतों पर डॉक्टरों को हिदायत जारी कर मुख्यालय से उनके सिविल सर्जन को भी रिपोर्ट भेजी जा रही है।
शिकायत के डर से सुविधाओं में सुधार भी होने लगा है। अब तक डॉक्टरों के खिलाफ कुल 57 शिकायतें आ चुकी हैं, जिनमें से 50 शिकायतों पर डॉक्टरों से जवाब तलब कर शिकायतों को बंद किया जा चुका है, जबकि सात शिकायतों पर मरीज संतुष्ट नहीं हुए तो उन शिकायतों को फिर से खोला गया है और उस पर कार्यवाही की जा रही है।
राज्य की स्वास्थ्य मंत्री राव आरती सिंह ने 21 मार्च को हेल्पलाइन नंबर 104 लॉन्च किया था। इसका मकसद मरीजों की स्वास्थ्य संबंधित शिकायतों को दर्ज कर उनकी समस्या को हल करवाना था। घर बैठे मरीज डॉक्टरों की अप्वाइंटमेंट भी ले सकते हैं। वहीं, मरीज घर से ही यह भी जान सकता है कि सरकारी अस्पताल में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की ओपीडी कब-कब लगती है, लैब में कौन से टेस्ट होते हैं, अस्पताल में सिजेरियन की सुविधा उपलब्ध है या नहीं। इन जानकारियों के लिए अब उसे न तो गूगल देखने की जरूरत है और न ही अस्पतालों के चक्कर लगाने की। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. मनीष बंसल ने बताया, 104 हेल्पलाइन नंबर का काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। हमारी कोशिश है कि हेल्पलाइन पर जो मरीज अपना दुख व दर्द बताते हैं, उसका निवारण कर उनकी संतुष्टि की जाए। हेल्पलाइन व्यवस्था के नोडल अधिकारी डॉ यादविंद्र सिंह हैं, जिनकी देखरेख में पूरा कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है। इसमें 15 कॉलर हैं, जो कॉल को अटेंड करते हैं।
अभद्र व्यवहार, दवा की उपलब्धता, बेड की कमी की आ रही शिकायतें
एक सीनियर सिटीजन मरीज ने 104 नंबर पर शिकायत दर्ज कराई कि डॉक्टर ने उसके साथ अभद्रता की है। शिकायत मिलते ही संबंधित डॉक्टर से जवाब मांग लिया गया। डॉक्टर से जवाब मिलने के बाद उन्हें हिदायत दी गई कि मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करें। बुखार से पीड़ित एक मरीज के परिजनों ने शिकायत दर्ज करवाई कि उन्हें अस्पताल में बेड नहीं मिल रहा। कॉल अटेंड होते ही सिविल सर्जन को सूचित किया गया और मरीज को बेड मुहैया करवाया गया। एक मरीज को डॉक्टर ने अपने रूम से निकाल दिया था। मरीज ने शिकायत दर्ज कराई कि डाक्टर ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया है। इस पर संबंधित अस्पताल की ओर से डॉक्टर से जवाब मांगा गया है। एक मरीज ने शिकायत दी कि डॉक्टर ने उन्हें जो दवाई लिखकर दी है, वह दवाई अस्पताल में नहीं मिल रही। बाद में हेल्पलाइन के माध्यम से उन्हें दवाएं भी उपलब्ध करवाई गई।