पीड़ित दुल्हनों के मुताबिक शादी के बाद उन्हें घर पर छोड़कर उनके पति विदेश भाग गए हैं। वहां जाकर उन्होंने ने पत्नी के साथ संपर्क भी खत्म कर दिया है। इनमें एक साल से लेकर 10 साल तक शादी की अवधि पूरी कर चुकी महिलाएं हैं।
शादी करके पत्नी को माता-पिता की सेवा के लिए घर में छोड़कर विदेश में बसने का चलन हरियाणा में बढ़ता जा रहा है। राज्य महिला आयोग के पास लगातार इस तरह की शिकायतें पहुंच रहीं हैं।
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पहली बार में तीन दुल्हनों की शिकायतों से शुरू हुआ सिलसिला अब तक 29 तक पहुंच गया है। हालांकि, दूसरी तरफ शिकायतों के आधार पर राज्य महिला आयोग की सख्ती के चलते अभी तक चार दूल्हे घर वापसी कर चुके हैं, जबकि दो दूल्हों को एक सप्ताह के अंदर वापस लेकर आने की प्रक्रिया जारी है।
फरवरी 2025 में हुई थी शिकायतों की शुरुआत
फरवरी 2025 में पीड़ित दुल्हनों की तरफ से राज्य महिला आयोग में शिकायतों की शुरुआत हुई थी। करनाल और पानीपत से पहली बार इस तरह की शिकायत आने के बाद आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने एक सुनवाई के दौरान दूल्हों के परिजनों को जमकर फटकार लगाई थी। इस दौरान दोनों के परिवार की तरफ से 10 दिन का समय मांगा गया था। इनमें से एक जापान और दूसरा पुर्तगाल से एक सप्ताह के अंदर ही घर वापस लौट आया था। इसके बाद एक माह के अंदर ही आयोग में शिकायतें बढ़कर 22 हो गईं थीं। जबकि दूसरे माह में 29 महिलाओं की शिकायत आयोग में दर्ज हो चुकी हैं।
शादी को एक साल से 10 साल तक बीते
पीड़ित दुल्हनों के मुताबिक शादी के बाद उन्हें घर पर छोड़कर उनके पति विदेश भाग गए हैं। वहां जाकर उन्होंने ने पत्नी के साथ संपर्क भी खत्म कर दिया है। इनमें एक साल से लेकर 10 साल तक शादी की अवधि पूरी कर चुकी महिलाएं हैं। इनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी पीड़ित है। अब आयोग से इनमें से कई महिलाओं ने अपने पति व ससुराल पक्ष वालों से पीछा छुड़ाने तक की गुहार लगाई है।
इन जिलों की पीड़ित महिलाएं
इन पीड़िताओं में करनाल, कैथल, जींद, पीपली, झज्जर, सोनीपत, पानीपत, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह सहित अन्य जिलों की महिलाएं शामिल हैं। इनमें ज्यादातर करनाल से 10, कैथल से पांच, जींद से चार महिलाएं हैं।
पांच दूल्हों का पीआर, डिपोर्ट के लिए कानूनी सलाह मांगी
महिला आयोग की तरफ से दूल्हों के विदेश का बैकग्राउंड खंगालने पर सामने आया कि पांच युवकों को उनके रहने वाले विभिन्न देशों से पीआर (स्थायी निवास) हासिल हो चुका है। इनमें आस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका प्रमुख हैं। इन्हें डिपोर्ट कराने के लिए आयोग ने कानूनी सलाह मांगी है। इसके बाद सरकार की मदद से इनकी वापसी की प्रक्रिया शुरू होगी।
दोषियों को वापस लाया जाएगा : रेनू भाटिया
लोकलाज के डर से सामाजिक व पारिवारिक दबाव के कारण महिलाएं कई साल से शादियां निभा रहीं हैं, जबकि उनके दूल्हे भाग चुके हैं। वे अपनी पत्नियों से संपर्क भी खत्म कर चुके हैं, जो कानूनी व इंसानियत दोनों तौर पर गलत है। अब धीरे-धीरे महिलाएं शिकायत करने लगीं हैं। कई परिवार और दूल्हे वापसी के लिए समय मांग चुके हैं। हर एक ऐसे दोषी को वापस लेकर आया जाएगा। -रेनू भाटिया, अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग, हरियाणा