कहा- नीति आयोग विभाग के तकनीकी व क्षमता निर्माण में करे मदद
पीएम मोदी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शामिल हुए सीएम नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नीति आयोग से डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर के लिए सहयोग मांगा है। सीएम सैनी ने कहा कि हरियाणा में बना यह नया विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटरिंग और रोबोटिक्स जैसी नवीनतम तकनीकों से विकास की संभावनाओं की तलाश करेगा। इसकी तकनीक व क्षमता के लिए आयोग सहयोग करे ताकि प्रदेश को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके।
इस दौरान सीएम ने विकसित भारत 2047 में हरियाणा के सक्रिय योगदान का विजन डॉक्यूमेंट 2047 प्रस्तुत किया। इसके तहत 2047 तक हरियाणा की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने और 50 लाख नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए केंद्र सरकार जो कदम उठाएगी, उस के अनुरूप हरियाणा भी विकसित भारत में अधिकतम योगदान देने के लिए कार्य करेगा।
सीएम ने बताया, बैठक में उन्होंने पीएम मोदी को आश्वस्त किया कि विकसित भारत के सपने को साकार करने में हरियाणा कोई कसर नहीं छोड़ेगा। उन्होंने आगामी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए एआई मिशन की स्थापना कर रहा है। इसके लिए विश्व बैंक से समझौता किया है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने निजी निवेशकों को 2 हजार करोड़ रुपये का एक फंड ऑफ फंड्स बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। यह स्टार्टअप्स में निवेश करके हरियाणा को नवाचार व उद्यमिता के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
इंटिग्रेटिड स्किल हब विकसित करने का प्रस्ताव दिया
सीएम ने बताया कि अर्थव्यवस्था के तेज विकास में तकनीकी बाधा बड़ी समस्या है और कौशल की शेल्फ लाइफ कम होती जा रही है। ऐसे में कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को आधुनिक बनाना समय की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने इंटिग्रेटड स्किल हब विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा। प्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार जल्द ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सेल की स्थापना भी करने जा रही है। इसके साथ ही 37 विभागों में 230 से अधिक अधिनियमों के छोटे-छोटे प्रावधानों से अपराधीकरण को समाप्त किया जा रहा है। इसके लिए जन विश्वास विधेयक का मसौदा तैयार किया जा रहा है। इसे दिसंबर 2025 तक अधिसूचित किया जाएगा।