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आंसुओं से लिखी सफलता की इबारत: हरियाणा की शर्मिला ने ग्लासगो में रचा इतिहास, पहला पैरा एथलेटिक्स स्वर्ण जीता

Tue, 28 Jul 2026 10:02 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा की पैरा एथलीट शर्मिला ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीत लिया है। महिला शॉटपुट की एफ 57 कैटेगरी में 9.81 मीटर शॉटपुट फेंक शर्मिला ने गोल्ड जीता। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शर्मिला को बधाई दी। सीएम ने कहा कि शर्मिला के प्रदर्शन ने देश और हरियाणा का नाम रोशन किया है। 
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शर्मिला धनखड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा की बेटी शर्मिला धनखड़ ने ऐसा इतिहास रचा, जिसने पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
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महेंद्रगढ़ जिले के छितरौली गांव की रहने वाली शर्मिला ने महिलाओं की शॉट पुट एफ-57 स्पर्धा में 9.81 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स की पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गईं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शर्मिला को बधाई दी। सीएम ने कहा कि शर्मिला के प्रदर्शन ने देश और हरियाणा का नाम रोशन किया है। 

शर्मिला की यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास की सबसे बड़ी मिसाल है। दो साल की उम्र में पोलियो ने उनका एक पैर कमजोर कर दिया। आर्थिक तंगी में बचपन बीता और पहली शादी में दहेज के लिए प्रताड़ना व घरेलू हिंसा का दर्द सहना पड़ा। 26 वर्ष की उम्र में दो बेटियों के साथ उन्हें घर से निकाल दिया गया। हार मानने के बजाय उन्होंने जिंदगी से लड़ने का फैसला किया।
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दूसरी शादी के बाद पति अजीत का साथ मिला। परिवार के सहयोग और अपनी अटूट मेहनत के दम पर शर्मिला ने खेल को नई दिशा दी। वर्षों की तपस्या आखिर ग्लासगो में स्वर्णिम सफलता बनकर सामने आई।

भारत के लिए एक और खुशी की खबर हाई जंप से आई। भारतीय एथलीट सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में 2.25 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता। हालांकि वह स्वर्ण से थोड़ा पीछे रह गए, लेकिन उनके शानदार प्रदर्शन ने भारत के पदक अभियान को और मजबूत किया। शर्मिला की कहानी बताती है कि हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, हौसला बुलंद हो तो संघर्ष भी एक दिन इतिहास बन जाता है।
 
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पैरा शॉट पुटर शर्मिला धनखड़ ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हुए 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के शॉट पुट F57 इवेंट में गोल्ड मेडल विजेता की बेटी अनुज ने कहा कि हम बहुत खुश हैं। मेरी माँ ने 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया था और चौथे स्थान पर रही थीं। इतने कम समय में उन्हें इतनी बड़ी कामयाबी हासिल करते देख हमें बहुत खुशी हुई। इस बार उन्होंने गोल्ड मेडल जीता है। उनकी दूसरी बेटी ने कहा कि हमने पार्टी की और पटाखे जलाए। मुझे स्पोर्ट्स में दिलचस्पी है। मेरा सपना है कि मैं भी अपनी माँ की तरह मेडल जीतूँ। मैं लॉन्ग जंप की तैयारी कर रही हूं।

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