डीजल और टीए खर्च से भी कम मिला पांच जिलों में जुर्माना
चंडीगढ़। हरियाणा रोडवेज जुर्माना वसूलने में पिछड़ रही है। प्रदेश के पांच जिलों में बसों में औचक निरीक्षण करके जांच करने वाली टीमों के डीजल और टीए (आवागमन का खर्चा) से भी कम जुर्माना वसूला गया। वहीं, अन्य पांच जिलों में बहुत कम जुर्माना प्राप्त हुआ। ऐसे में अब निदेशालय ने कम राजस्व मिलने का कारण पूछा है।
हरियाणा राज्य परिवहन निदेशालय के महानिदेशक सुजान सिंह ने संबंधित जिलों को पत्र भेजकर कम राजस्व मिलने का कारण पूछा है। अप्रैल माह की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा के बाद संबंधित जिलों से 12 जून तक ब्योरा भेजकर कारण बताने को कहा गया है। साथ ही पांच जिलों में सबसे कम जुर्माना वसूला गया है, जिनमें पलवल में 14,200 रुपये, नूंह में 15,100 रुपये, फरीदाबाद में 33,180 रुपये, अंबाला में 35,200 रुपये और गुरुग्राम में 35,950 रुपये का ही जुर्माना वसूला जा सका है।
इन पांच जिलों में डीजल और टीए पर जुर्माने से अधिक खर्चा
अप्रैल माह की समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, रोहतक में 95,250 रुपये का डीजल खर्च हुआ, जबकि 64 हजार रुपये ही जुर्माना वसूला जा सका। ऐसे में रोहतक में 31,250 रुपये कम राजस्व मिला। नारनाैल में डीजल पर 87,923 रुपये खर्च हुए और जुर्माना 22,753 रुपये कम मिला। इस जिले में केवल 65,170 रुपये जुर्माना वसूला जा सका। कैथल में डीजल व टीए पर 99,970 रुपये खर्च हुए और जुर्माना केवल 80,850 रुपये हुआ। यमुना नगर में डीजल व टीए पर 89,460 रुपये खर्च हुए और यहां जुर्माना केवल 73,540 रुपये हुआ। वहीं, चरखी दादरी की बात करें तो यहां 1,24,741 रुपये खर्च हुए, जबकि राजस्व डीजल-टीए के खर्च के मुकाबले 9791 रुपये कम मिला। ऐसे में तय है कि आगामी समय में बसों में औचक निरीक्षण अधिक होंगे।