हरियाणा पुलिस ने दावा किया है कि 2025 में प्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध अपराध में वर्ष 2024 की तुलना में 16.26 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जो महिलाओं में बढ़ते सुरक्षा विश्वास को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
सीसीटीएनएस के तुलनात्मक विश्लेषण के अनुसार गंभीर अपराधों में भी स्पष्ट कमी दर्ज की गई है। दुष्कर्म के मामलों में लगभग 25 प्रतिशत, दुष्कर्म के प्रयास के मामलों में 33 प्रतिशत, छेड़छाड़ के मामलों में करीब 16 प्रतिशत, पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों में लगभग 10 प्रतिशत, अपहरण व किडनैपिंग के मामलों में 17 प्रतिशत से अधिक तथा दहेज मृत्यु जैसे संवेदनशील अपराधों में 11 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। 2025 में महिला विरूद्ध अपराध की वर्कआउट दर लगभग 98 प्रतिशत दर्ज की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अपराधियों के विरुद्ध समयबद्ध और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
2025 में प्रदेश भर में महिलाओं के विरुद्ध अपराध को नियंत्रित करने के लिए विशेष अभियान चलाए गए। इसके अंतर्गत छेड़छाड़ संभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर वहां सिविल ड्रेस में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। स्कूलों, कॉलेजों, बस स्टैंडों, बाजारों एवं अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर महिला पुलिस टीमों द्वारा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई, जिससे महिलाओं में सुरक्षा की भावना को बल मिला है। इतना ही नहीं, प्रदेश में महिलाओं के साथ संभावित छेड़छाड़ वाले हॉटस्पॉट क्षेत्रों की सूची तैयार कर वहां साधारण वेशभूषा में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, ताकि मनचलों की पहचान कर उनको सबक सिखाया जा सके।