हरियाणा सरकार ने बजट में प्रदेश के किसानों को नकली बीज व कीटनाशकों से बचाने के लिए बड़ा एलान किया है। सरकार कृषि भूमि बिल की तर्ज पर इसी सत्र में विधानसभा में एक बिल लेकर आएंगी, ताकि किसानों को नकली बीज व कीटनाशकों को चंगुल से बाहर निकाला जा सके।
-गुरुग्राम में फूलों की खरीद और बिक्री के लिए एक अत्याधुनिक एवं वातानुकूलित फूलमंडी की स्थापना की जाएगी।
-हरियाणा राज्य भंडारण निगम द्वद्यारा बागवानी उत्पादों के निर्यात केा बढ़ावा देने के लिए हिसार एयरपोर्ट में एकर कार्गो के लिए कए गोदाम बनाया जाएगा, जिसके लिए इसे 5 एकड़ भूमि व विमानों की पार्किंग, मरम्मत व रखरखाव के लिए 4 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
-3 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदाम व यमुनानगर में आधुनिक तकनीक का 1 लाख टन की क्षमता का एक सायलो बनाया जाएगा। हैफेड केंद्र सरकार की पीईजी योजना के तहत 30 लाख मीट्रिक टन की नई भंडारण क्षमता उपलब्ध कराएगा।
-दक्षिण हरियाणा में सहकारी क्षेत्र की सबसे बड़ी आधुनिक सरसों तेज मिल और जिला कुरुक्षेत्र में सूरजमुखी के तेल की मिल की स्थापना पीपीपी मोड के तहत की जाएगी।
-ई-नाम के साथ संपूर्ण एकीकरणर सुनिश्चित करने के लिए सभी मंडियों का नवीनीकरण किया जाएगा।
-गन्ने की मशीन से कटाई कराए जाने के लिए हारवेस्टर पर सब्सिडी दी जाएगी।
-प्रदेश के 18 जिलों में बीज परीक्षण लैब स्थापित की जाएगी। फिलाहल करनाल, पंचकूला, सिरसा व रोहतक में यह लैब है।
-वर्ष 2025-26 में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। अंबाला में लीची, यमुनानगर में स्ट्राबेरी और हिसार में खजूर के लिए उत्कृष्टता केंद्र बनेगा।
-महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय सभी 14 उत्कृष्टता केंद्रों को बागवानी विज्ञान केंद्रों के रूप में विकसित करेगा।
-बागवानी में क्षेत्रीय विशिष्ट अनुसंधान आश्यकताओं को पूरा करने के लिए पलपल जिले में एक अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाएगा।
-19 जिलों में चल रहे बागवानी मिशन को 3 जिलों फरीदाबाद, रेवाड़ी और कैथल में भी लागू किया जाएगा।
-22 जिलों में 400 बागवानी कलस्टरों के माध्यम व जापान सरकार की सहायता से अगले 9 वर्षों में 2738 करोड़ रुपये की लागत से एक नया सतत बागबानी प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा, जिसके लिए 138 करोड़ का प्रावधान।
-कशरूम, कम्पोस्ट और स्पॉन, हाईटेक हाईड्रोपोनिक्स और एरोपोनिक्स व एफपीओ द्वारा बनाए गए 20 किलोवाट से अधिक लोड वाले कोल्ड स्टोरों को 7 रुपये 50 पैसे के बजाए 6 रुपये 50 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली देने का निर्णय किया है।