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Chandigarh-Haryana News: हरियाणा सरकार ने नहीं भेजा पैनल, शत्रुजीत बने रहेंगे डीजीपी

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राज्य सरकार ने अभी तक नए डीजीपी को चुनने की प्रक्रिया शुरू नहीं की
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15 अगस्त 2025 को पूरे हो रहे हैं दो साल

अमर उजाला ब्यूरो



चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने नए डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को आईपीएस अधिकारियों का पैनल नहीं भेजा है। ऐसी स्थिति में मौजूदा डीजीपी शत्रुजीत कपूर अगले आदेश तक अपने पद पर बने रहेंगे। शत्रुजीत की सेवानिवृत्ति अक्तूबर 2026 में होनी है।
यूपीएससी ने अप्रैल में ही हरियाणा सरकार को अफसरों का पैनल भेजने के लिए कहा था। पैनल तैयार करने से पहले गृह विभाग तीन अफसरों का चयन करता है और उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट मंगवाता है। गोपनीय रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही अफसरों का पैनल यूपीएससी को भेजा जाता है। उसके बाद यूपीएससी योग्य अफसर का नाम राज्य सरकार को भेजती है। इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम छह महीने का समय लगता है। राज्य सरकार ने फिलहाल यह प्रक्रिया शुरू नहीं की है। इससे माना जा रहा है कि राज्य सरकार शत्रुजीत कपूर को ही आगे भी डीजीपी बनाए रखना चाहती है।
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डीजीपी का न्यूनतम कार्यकाल दो साल का होता है। राज्य सरकार चाहे तो डीजीपी को दो साल से ज्यादा समय तक बनाए रख सकती है। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को नियुक्त हुए तीन साल से ज्यादा का समय हो चुका है। हालांकि वे कार्यकारी डीजीपी हैं। शत्रुजीत कपूर को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल का नजदीकी माना जाता है। पूर्व सीएम ने अपने कार्यकाल के दौरान 15 अगस्त 2023 को पुलिस महानिदेशक बनाया था। कपूर उस समय 1989 बैच के आईपीएस मोहम्मद अकील और डॉ. आरसी मिश्रा को पार कर डीजीपी बने थे। अकील और मिश्रा कपूर के सीनियर थे।
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