सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के बावजूद सरकार की नीतियों में बदलाव नहीं आया और अब साइलो (आधुनिक अनाज भंडारण केंद्र) परियोजना के माध्यम से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर निजी नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है।
कांग्रेस महासचिव और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र सरकार पर देश की अनाज भंडारण व्यवस्था को निजी कंपनियों के हवाले करने का आरोप लगाया है।
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उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के बावजूद सरकार की नीतियों में बदलाव नहीं आया और अब साइलो (आधुनिक अनाज भंडारण केंद्र) परियोजना के माध्यम से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर निजी नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है।
सुरजेवाला ने दावा किया कि वर्ष 2021 में भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से करीब 20 हजार करोड़ रुपये की साइलो परियोजना शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य 60 लाख मीट्रिक टन अनाज भंडारण क्षमता विकसित करना था। उनका आरोप है कि परियोजना के अंतिम नियमों से एकाधिकार रोकने वाले प्रावधान हटा दिए गए, जिससे दो निजी कंपनियों को बड़ा लाभ मिला।
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कांग्रेस नेता के अनुसार, वर्ष 2022 से 2025 के बीच जारी ठेकों में 134 में से 110 साइलो परियोजनाओं के अनुबंध दो कंपनियों को मिले। उनका कहना है कि इससे देश की कुल भंडारण क्षमता का लगभग 78 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं कंपनियों के नियंत्रण में आ जाएगा।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस नीति का विरोध करेगी और किसानों तथा आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेगी।