सवाल : आपकी पहली तीन प्राथमिकताएं क्या होंगी?
जवाब : मेरी पहली प्राथमिकता उन क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करना है, जहां हम अभी कमजोर हैं। दूसरी प्राथमिकता महिलाओं को पार्टी के साथ जोड़ना है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएं अधिक से अधिक भारतीय जनता पार्टी की गतिविधियों में शामिल हों। तीसरी प्राथमिकता युवाओं को नई ऊर्जा, नया उत्साह और नए विचारों के साथ पार्टी में जोड़ना है। पुराने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन और अनुभव बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन नई पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी के बिना संगठन आगे नहीं बढ़ सकता।
सवाल : 43 साल बाद भाजपा ने किसी महिला को प्रदेश अध्यक्ष चुना। पार्टी ने आपको ही क्यों चुना? इस पर आप क्या सोचती हैं।
जवाब : यह मोदी जी के महिला सशक्तिकरण के दृष्टिकोण का परिणाम है। उन्होंने महिलाओं के जीवन में छोटे-छोटे बदलावों के माध्यम से बड़ा प्रभाव डाला है। महिलाओं में नई ऊर्जा और विश्वास पैदा किया है। हरियाणा में भी इसी कड़ी में महिलाओं को जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया गया। मेरा यह चयन केवल व्यक्तिगत कारणों से नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और संगठन के विकास की दृष्टि से किया गया।
सवाल : संगठन कैसा होगा? क्या पुराने कार्यकर्ताओं के भरोसे ही काम चलेगा या नए लोगों को भी टीम में शामिल किया जाएगा?
जवाब : जिला अध्यक्षों का चुनाव हो चुका है और अब जिला स्तर से ऊपर की टीम पूरी तरह नई होगी। प्रदेश की टीम में नए पदाधिकारी होंगे और इसे जल्द ही घोषित किया जाएगा। हमारी कोशिश यही रहेगी कि संगठन में नई सोच, नई ऊर्जा और पुराने अनुभव का संतुलन बना रहे।
सवाल : कुछ लोग केवल पद के लिए पार्टी में आते हैं। क्या भाजपा में ऐसे लोगों की छुट्टी होगी?
जवाब : भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता-आधारित पार्टी है। हमारा फोकस वही लोग हैं जो पार्टी की नीतियों पर लगातार काम करते हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि संगठन में जिम्मेदारी केवल उन लोगों को मिले जो वास्तविक कार्यकर्ता हैं और पार्टी के विकास के लिए सक्रिय योगदान देते हैं।
सवाल : प्रदेश अध्यक्ष के रूप में निर्णय लेने में कितनी स्वतंत्रता होगी? अक्सर कहा जाता है कि अधिकतर फैसलों के लिए केंद्रीय नेतृत्व पर निर्भर रहना पड़ता है।
जवाब : केंद्रीय नेतृत्व और संगठन अलग-अलग नहीं हैं। उनके पास कार्यकर्ताओं का फीडबैक और व्यापक अनुभव होता है। अगर उन्होंने मुझ पर विश्वास जताकर प्रदेश अध्यक्ष जैसी जिम्मेदारी दी है, तो उनका मार्गदर्शन भी संगठन और प्रदेश के हित में ही होता है। कई बार कुछ बातें स्थानीय स्तर पर हमारी नजर से छूट सकती हैं, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व तक अलग-अलग माध्यमों से जानकारी पहुंचती रहती है। इसलिए मैं इसे हस्तक्षेप नहीं, बल्कि संगठन को सही दिशा में आगे बढ़ाने वाला मार्गदर्शन मानती हूं।