हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन काफी हंगामेदार और पक्ष-विपक्ष के बीच तकरार वाला रहा। मतदाता सूची बनाने से संबंधित चल रहे चुनाव सुधारों पर चर्चा के भाजपा विधायकों के प्रस्ताव को मंजूर किए जाने पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई। एक घंटे तक सदन में नारेबाजी करने के बाद उन्होंने वॉकऑउट कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि चुनाव सुधार पर यहां चर्चा करने का क्या औचित्य। क्या आप विधानसभा में इलेक्टरल रिफॉर्म ला सकते हैं। इस पर सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि राहुल गांधी ने हरियाणा को कोट करते हुए वोट चोरी करने का आरोप लगाया था। सदन में भी वोट चोरी करने के नारे लगाए गए हैं। कांग्रेस ने दो बार वॉकऑउट किया। कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी के बीच भाजपा के मंत्रियों व विधायकों ने जयकारे लगाए। इस बीच सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। आखिरी में मंत्री महीपाल ढांडा ने कांग्रेस विधायकों का चर्चा का बहिष्कार करने पर उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव प्रस्तुत किया जो प्रस्ताव पास भी हो गया। सीएम ने कहा कि निंदा प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई होनी चाहिए।
दोपहर 3.35 बजे विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने कहा कि चुनाव सुधार पर चर्चा के लिए दो घंटे मंजूर किया गया है। इसमें कांग्रेस के 60 मिनट, भाजपा को 50 मिनट और इनेलो को 10 मिनट का समय तय किया गया है। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में कांग्रेसी विधायकों ने विरोध शुरू कर दिया और उन्होंने कहा कि यह नियमों के खिलाफ प्रस्ताव मंजूर किया गया है।
इस पर हरविंद्र कल्याण ने नियम पढ़कर सुनाते हुए कहा कि इसमें कोई आपत्ति नहीं है। किसी पर चोरी का आरोप लगे तो मानवीय दृष्टिकोण से भी वह अपनी बात करने का हकदार है। इसके बाद विधायक डॉ. रघुबीर कादियान, गीता भुक्कल और बीबी बतरा ने नियम पढ़कर दावा किया कि ये नियमों के खिलाफ है। इस पर स्पीकर ने दोबारा से कहा कि नियम पढ़कर ही प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस पर कोई चैलेंज नहीं कर सकता।इसके बाद निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल, इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला और भाजपा के विधायक अपनी बात रखते रहे लेकिन कांग्रेस के विधायक लगातार नारेबाजी करते रहे।
भुक्कल बोलीं- संविधान से बढ़कर कोई नहीं
बहस के दौरान कांग्रेस के विधायक विधायक डॉ. रघुबीर कादियान और गीता भुक्कल विधानसभा अध्यक्ष से भी उलझते नजर आए। दरअसल, मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा, प्रस्ताव पर फैसला लेने का अंतिम निर्णय स्पीकर का होता है। इस पर गीता भुक्कल ने कहा कि संविधान में प्रावधान ही नहीं है। संविधान से बढ़कर कोई नहीं है। तब अध्यक्ष ने जवाब दिया कि मैडम यहां स्पीकर संविधान पढ़कर बैठे हैं आप चिंता मत करिए। इसी तरह कादियान के उलझने पर स्पीकर ने उन्हें दोबारा नियम पढ़कर सुनाए।
ढांडा के अंगुली दिखाने पर भड़के हुड्डा
मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि कांग्रेस किसी मुद्दे पर अडिग नहीं है और वोट चोरी का झूठा मुद्दा उठाया है। तभी उस पर चर्चा भी नहीं करना चाहती। कानून व्यवस्था की चर्चा में पेपर लीक और किसानों के मुद्दे पर चर्चा पर अपराध पर बात करने के लिए हंगामा करने लगते हैं। ढांडा ने कहा कि आप चर्चा से भाग रहे हैं तो हुड्डा ने उठकर विरोध जताते हुए कहा कि आप हाउस में इस तरह अंगुली दिखाकर बात नहीं कर सकते। ये सदन की गरिमा के खिलाफ है। मंत्री मंत्री कृष्ण बेदी और गीता भुक्कल में भी बहस हुई। बेदी ने कहा कि सूरज अस्त तो हुड्डा साहब की टीम मस्त।
चुनाव आयोग सांविधानिक व पवित्र संस्था, इस पर अंगुली उठाना पाप : सीएम
अंत में सीएम नायब सैनी ने कहा कि चुनाव आयोग सांविधानिक संस्था है और उस पर अंगुली उठाना भी पाप है। उन्होंने स्पीकर से आग्रह किया कि विपक्ष को सदन में बुला लिया जाए ताकि वो भी इस महत्वपूर्ण चर्चा में शामिल हो सके। सीएम बोले, विपक्ष झूठे आरोप लगाता रहा है और अब वॉकआउट करके चले गए हैं। यह लगातार तीसरी बार हुआ है जब विपक्ष वॉकआउट करके गया है। इससे देश-प्रदेश की जनता को पता लगना चाहिए कि क्या सही है और क्या गलत।
विपुल गोयल पर गाली देने का आरोप
कांग्रेस विधायकों के वॉकआउट के बाद मंत्री विपुल गोयल ने अपनी बात रखी। इसके 10 मिनट बाद सभी कांग्रेस विधायक विपुल गोयल के खिलाफ नारेबाजी करते तेजी से सदन में आए और वेल में पहुंचकर गोयल पर गाली देने का आरोप लगाया। सीएम ने दोनों पक्षों को शांत कराया। सीएम ने कहा कि दोनों पक्षों से दो-तीन लोग मिलकर रिकॉर्डिंग सुन लें कि क्या विपुल गोयल ने गाली दी है। इसके बाद कांग्रेस विधायक फिर वॉकऑउट कर गए। विपुल गोयल ने कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं बोला था फिर भी किसी को आपत्ति है तो वे खेद प्रकट करते हैं।