भाखड़ा से हरियाणा को अभी 4000 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। इसमें से 800 क्यूसेक राजस्थान, 500 क्यूसेक दिल्ली और 400 क्यूसेक पानी पंजाब को भी जाता है। हरियाणा 8500 क्यूसेक पानी मांग रहा है। इसी पर पंजाब को आपत्ति है।
हरियाणा और पंजाब के बीच चल रहे पानी के विवाद पर हरियाणा की सर्वदलीय बैठक के बाद सीएम नायब सैनी ने कहा कि पानी के लिए जो करना पड़ा, वो किया जाएगा। सीएम ने कहा कि जरूरत पड़ी तो केंद्र से भी मिलेंगे, विशेष सत्र बुलाना पड़ा तो वह भी बुलाएंगे।
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सर्वदलीय बैठक चंडीगढ़ हरियाणा निवास में हुई। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभान, आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुशील गुप्ता, इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा और विधायक आदित्य देवीलाल मौजूद हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री और जेजेपी के नेता दुष्यंत चौटाला और पूर्व विधायक अमरजीत ढांडा भी बैठक में शामिल हुए।
हरियाणा की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी, कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा, श्याम सिंह राणा और अरविंद शर्मा भी बैठक में शामिल रहे। इनके अलावा हरियाणा एजी परमिंदर चौहान ,मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और सीएम के सीपीएस राजेश खुल्लर समेत तमाम अधिकारी भी मौजूद रहे।
हरियाणा सरकार ने पानी न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। राज्य की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने बताया कि सरकार दस्तावेज तैयार करा रही है। सरकार पानी से संबंधित सभी तथ्य सुप्रीम कोर्ट में रखेगी।