हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण और तालाबों के आसपास हरियाली बढ़ाने के लिए पिछले पांच साल में करीब 39 लाख पौधे लगाए गए लेकिन उचित देखभाल नहीं होने से इनमें से सिर्फ 16.50 लाख पौधे ही जीवित बचे। यानी 100 में से महज 42। हरियाणा विधानसभा की पर्यावरण एवं प्रदूषण विषय समिति की पहली रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
विधानसभा समिति ने पाया कि पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी न तो पंचायत विभाग के पास है और न ही वन विभाग के। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पौधरोपण के बाद कई जिलों में देखरेख और संरक्षण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। समिति ने अपनी सिफारिशों में कहा है कि भविष्य में ऐसे पौधरोपण कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग को पौधों की निगरानी और देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। साथ ही, नियमित निरीक्षण और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है ताकि लगाए गए पौधे लंबे समय तक जीवित रह सकें और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य पूरे हो सकें।
जिला कुल पौधे जीवित पौधे सर्वाइवल %
सिरसा 3,47,028 2,57,000 78.83%
अंबाला 1,43,720 84,423 61.41%
गुरुग्राम 63,333 34,941 58.10%
यमुनानगर 1,34,471 65,632 53.64%
जींद 1,45,854 51,113 53.55%
जिला कुल पौधे जीवित पौधे सर्वाइवल %