हरेडा और जीजीजीआई के बीच ओएमयू।
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हरियाणा में स्वच्छ और ऊर्जा दक्ष भवनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (हरेडा) ने ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टीट्यूट (जीजीजीआई) के साथ एशिया लो कार्बन बिल्डिंग ट्रांजिशन (एएलसीबीटी) परियोजना के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह परियोजना एशिया के पांच देशों कंबोडिया, भारत, इंडोनेशिया, थाईलैंड और वियतनाम में लागू है, जिनमें भारत के तीन राज्य हरियाणा, केरल और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान जीजीजीआई की क्षेत्रीय प्रबंधक जूली रोब्लेस ने बताया कि हरियाणा में अब तक लगभग 600 भवनों का प्रारंभिक डेटा संग्रहित किया गया है। इनमें से 110 भवनों का विस्तृत मूल्यांकन हुआ है और 22 भवनों को ऊर्जा दक्षता सुधार के लिए चयनित किया गया है।
हरेडा द्वारा होटल हयात, चंडीगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार समारोह में ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले औद्योगिक इकाइयों, सरकारी भवनों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और शैक्षणिक संस्थानों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्यामल मिश्रा ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल औद्योगिक आवश्यकता नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक अपनी 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकताओं को स्वच्छ स्रोतों से पूरा करना है।
इस अवसर पर पानीपत रिफाइनरी, नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, पानीपत, मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट, फरीदाबाद, मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम सहित कई संस्थानों को उनके ऊर्जा दक्ष प्रयासों के लिए पुरस्कार और प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इस पहल से हरियाणा को ऊर्जा दक्ष राज्य बनाने और कम कार्बन उत्सर्जन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति मिलने की उम्मीद है।