अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में अतिथि शिक्षकों की सेवा शर्तों को अधिसूचित कर अब कई नियम तय कर दिए गए हैं। महिला अतिथि शिक्षक व एकल पुरुष शिक्षक को बच्चों की देखभाल के लिए पूरे सेवाकाल में 730 दिन के अवकाश समेत छुट्टियों को लेकर कई प्रावधान किए गए हैं। साथ ही अब अतिथि शिक्षकों के तबादले भी शिक्षक तबादला नीति-2026 के तहत होंगे। इससे पहले वर्ष 2019 में सेवा सुरक्षा और अन्य बुनियादी प्रावधानों के लिए अधिनियम बनाया गया था लेकिन रोजमर्रा की सेवा शर्तों के लिए इतनी विस्तृत व्यवस्था नहीं थी।
नए नियमों के तहत महिला अतिथि शिक्षक व एकल पुरुष अतिथि शिक्षक को 18 वर्ष की आयु तक के अपने दो बड़े बच्चों की देखभाल के लिए पूरे सेवाकाल में अधिकतम 730 दिन यानी दो साल का अवकाश मिलेगा। यह बिना वेतन होगा लेकिन इसे सेवा में अंतर नहीं माना जाएगा। दिव्यांग बच्चे के मामले में 18 वर्ष की आयु सीमा लागू नहीं होगी लेकिन सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी के प्रमाण पत्र के अनुसार दिव्यांगता 40 प्रतिशत से अधिक और बच्चा पूरी तरह से शिक्षक पर निर्भर होना चाहिए।
एक कैलेंडर वर्ष में पुरुष अतिथि शिक्षक को 10 दिन और महिला अतिथि शिक्षक को 22 दिन आकस्मिक अवकाश की व्यवस्था की गई है। हालांकि अधिकार के रूप में इसके लिए दावा नहीं किया जा सकेगा। जिस वर्ष शिक्षक की सेवा समाप्त होनी है उस वर्ष अवकाश सेवा में बची अवधि के अनुसार मिलेगा। पुरुष अतिथि शिक्षक को पत्नी के प्रसव पर 15 दिन का पितृत्व अवकाश मिलेगा। एक वर्ष से कम उम्र के बच्चे को वैध रूप से गोद लेने पर भी यह सुविधा मिलेगी। प्रसव से 15 दिन पहले से लेकर प्रसव की तारीख के छह महीने बाद तक इसका लाभ लिया जा सकेगा। इस अवधि में आने वाले रविवार और मान्य अवकाश भी पितृत्व अवकाश में ही गिने जाएंगे।
240 दिन तक असाधारण अवकाश
विशेष परिस्थितियों में अतिथि शिक्षक को कम से कम 30 दिन और अधिकतम 240 दिन तक असाधारण अवकाश मिल सकेगा। गंभीर बीमारी, सरकार से प्रमाणित उच्च शिक्षा या प्रशिक्षण अथवा अपरिहार्य परिस्थितियों में लिखित आवेदन पर सक्षम प्राधिकारी इसे मंजूर कर सकेगा। इस अवधि में वेतन नहीं मिलेगा और इसे सेवा की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। जिस अतिथि शिक्षक को सेवा से हटाने का निर्णय लिया जा चुका हो, उसे यह अवकाश नहीं दिया जाएगा।
विदेश यात्रा के लिए भी अनुमति जरूरी
अतिथि शिक्षक केवल ग्रीष्मावकाश में ही विदेश यात्रा कर सकेंगे और इसके लिए विभागीय अनुमति लेनी होगी। अनुशासन के मामले में उन पर नियमित शिक्षकों की तरह कार्रवाई होगी। छोटी सजा मिलने पर नियमों के अनुसार अपील का भी प्रावधान रहेगा। साथ ही सरकारी कर्मचारी आचरण नियम भी उन पर लागू होंगे।
58 साल में सेवा समाप्त, त्यागपत्र के लिए एक माह का नोटिस
अतिथि शिक्षक 58 वर्ष की आयु पूरी होने वाले महीने के अंतिम दिन दोपहर बाद सेवानिवृत्त होंगे। यदि जन्मतिथि महीने की पहली तारीख है तो पिछले महीने के अंतिम दिन सेवा समाप्त होगी। त्यागपत्र के लिए एक माह का नोटिस देना होगा। तत्काल त्यागपत्र देने पर एक माह के वेतन के बराबर राशि जमा करनी होगी। अतिथि शिक्षकों की सेवा पुस्तिका भी सरकार द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार रखी जाएगी।