3134 स्कूलों ने कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया, 1100 के आवेदन नहीं हुए जमा
आरटीई के तहत दाखिलाः दो हजार निजी स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी
कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिला देने के लिए निजी स्कूलों के लिए पोर्टल खोला था। दाखिला देना तो दूर, प्रदेश के करीब दो हजार स्कूलों ने इस पोर्टल को खोला तक नहीं है। अब आरटीई के तहत दाखिला न देने वाले इन दो हजार निजी स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। इनकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है। जल्द ही सरकार फैसला लेने वाली है।
आरटीई के तहत बच्चों को दाखिला न देने पर प्रदेश के 3134 निजी स्कूलों ने शिक्षा विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उन्होंने जवाब दे दिया है। करीब 1100 निजी स्कूलों ने आरटीई के तहत बच्चों के दाखिले की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन आखिरी समय में पोर्टल पर आवेदन जमा नहीं हुए हैं। 15 अप्रैल से ऑनलाइन पोर्टल बंद हो चुका है। दाखिले के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से तीन बार ऑनलाइन पोर्टल खोला गया। 16 अप्रैल को हुई शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की समीक्षा बैठक में सामने आया कि प्रदेश में आरटीई के तहत 30 फीसदी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों ने सीटें तय नहीं कीं।
प्रक्रिया चलाने वाले स्कूलों को पेनल्टी के साथ राहत की संभावना
सूत्रों के मुताबिक दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर आवेदन जमा न कर पाने वाले प्रदेश के करीब 1100 स्कूलों को शिक्षा विभाग की तरफ से एक मौका दिया जा सकता है। इन स्कूलों पर जुर्माना लग सकता है।
''''''''आरटीई के तहत दाखिले को लेकर सभी निजी स्कूलों को सख्त निर्देश पहले से जारी किए गए थे। इसके बावजूद जान बूझकर दाखिला नहीं देने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसकी प्रक्रिया जारी है, नियमों और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले निजी स्कूलों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ''''''''
महिपाल ढांडा, शिक्षा मंत्री, हरियाणा