प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। प्रत्येक स्कूल से कम से कम 50 विद्यार्थियों का पंजीकरण आवश्यक होगा। सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाणपत्र दिए जाएंगे, जबकि प्रत्येक स्कूल के शिक्षक समन्वयक को भी सम्मान प्रमाणपत्र मिलेगा।
समुद्र की रहस्यमयी दुनिया, समुद्री जीवों और पृथ्वी के पर्यावरण में महासागरों की भूमिका को समझने के लिए वाइल्ड विजडम ग्लोबल चैलेंज-2026 का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 9 तक के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में जैव विविधता, समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
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प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। प्रत्येक स्कूल से कम से कम 50 विद्यार्थियों का पंजीकरण आवश्यक होगा। सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाणपत्र दिए जाएंगे, जबकि प्रत्येक स्कूल के शिक्षक समन्वयक को भी सम्मान प्रमाणपत्र मिलेगा।
चुनौती पांच चरणों में आयोजित
पहला चरण जुलाई से सितंबर तक कक्षा स्तर पर ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी के रूप में होगा, जिसमें शिक्षक लाइव लीडरबोर्ड के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रगति देख सकेंगे। इसके बाद सितंबर-अक्टूबर में राज्य स्तर की ऑनलाइन प्रतियोगिता होगी, जहां प्रत्येक स्कूल की अग्रणी टीम हिस्सा लेगी। अक्टूबर में पांच जोन में जोनल स्तर और नवंबर में दिल्ली में राष्ट्रीय फाइनल आयोजित होगा। राष्ट्रीय स्तर से चयनित टीमें दिसंबर में वर्चुअल अंतरराष्ट्रीय फाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
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स्कूल को पांडा ट्राफी
प्रतियोगिता में विजेता स्कूल को पांडा ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। राज्य, जोनल और राष्ट्रीय स्तर पर विजेता टीमों को ट्रॉफी, पदक, प्रमाणपत्र और विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे। वहीं राष्ट्रीय स्तर की शीर्ष तीन टीमों को भारत के किसी प्रमुख वन्यजीव क्षेत्र की पूर्ण प्रायोजित शैक्षणिक यात्रा का अवसर मिलेगा, जहां विद्यार्थी प्रकृति संरक्षण और वन्यजीवों को करीब से समझ सकेंगे।