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Chandigarh-Haryana News: सामान्य गिरदावरी पूरी, विशेष गिरदावरी के लिए पटवारियों ने मांगे आठ और दिन

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-पटवारी एसोसिएशन ने कहा-सरकार ने 25 तक काम पूरा करने के लिए कहा है
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-25.88 लाख एकड़ में से 5.27 लाख एकड़ फसल की ही हो पाई है विशेष गिरदावारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में बारिश व जलभराव के बाद खराब अथवा प्रभावित हुई फसलों के लिए सामान्य गिरदावरी का काम पूरा कर लिया गया है। अब पटवारियों के जरिए प्रशासन विशेष गिरदावरी करवा रहा है। पूरे प्रदेश में विशेष गिरदावरी के जरिए सही आकलन करने के लिए उन्होंने सरकार से आठ और दिन का समय मांगा है। राजस्व विभाग के अनुसार किसानाें ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर कुल 25,88,463 एकड़ में फसलों को नुकसान का ब्योरा दर्ज करवाया है। इसमें से 5.27 लाख एकड़ के लिए गिरदावारी की जा चुकी है।
दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के राज्य प्रधान जयबीर चहल का कहना है कि किसानों को समय पर मुआवजा मिले, इसके लिए गिरदावरी का काम जारी है। प्रदेश में 1500 पटवारी हैं और पटवारियों पर दूसरे सर्कलों का भी अतिरिक्त कार्य है। सरकार ने उनको सूचना मिली है कि 25 सितंबर तक गिरदावरी का कार्य पूरा करना है लेकिन उनकी एसोसिएशन ने इसे आठ दिन और आगे बढ़ाने की मांग की है।
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सामान्य व विशेष गिरदावारी में अंतर
सामान्य गिरदावारी में खेतों में क्या फसलें हैं और काैन से खेत खाली हैं का ब्योरा देना होता है। विशेष गिरदावरी में क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से दर्ज शिकायतों वाले किसानों के किला नंबरों पर पटवारी या राजस्व विभाग की टीम पहुंचती है। साथ ही नुकसान का आकलन कृषि विभाग एडीओ(एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर), किसानों व नंबरदारों की माैजूदगी में होता है। पटवारियों के अलावा कानूनगो, क्षेत्रीय राजस्व अधिकारी, एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी, जिला उपायुक्त व मंडलायुक्त भी निगरानी करते हैं।
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3.50 लाख किसानों ने बीमा कंपनियां से भी किया आवेदन, सर्वे शुरू
चंडीगढ़। हरियाणा में बरसात से फसलों को हुए नुकसान को लेकर बीमा कंपनियों ने भी सर्वे शुरू कर दिया है। प्रदेश के 3.50 लाख किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसलों का पंजीकरण करवाया है। इन सभी ने बरसात से में किसी न किसी रूप से फसलों को नुकसान को लेकर शिकायत दर्ज करवाई है। उनके आवेदन आने के बाद बीमा कंपनियों और कृषि विभाग ने काम शुरू कर दिया है। कृषि विभाग के अनुसार, खरीफ की करीब 11,87,199.86 एकड़ में फसलें बीमा योजना के तहत कवर होती हैं। शिकायतों के आधार पर करीब 2.50 लाख एकड़ में नुकसान का शुरुआत में आकलन है। कृषि एवं कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पंकज अग्रवाल का कहना है कि जिन किसानों का बीमा है तो नियमानुसार किसानों को बीमा कंपनियां मुआवजा देंगी।
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बीमा कराने वालों को क्षतिपूर्ति का नहीं मिलेगा लाभ
जिन किसानों ने बीमा कराया है, उन्हें नुकसान के आकलन व सर्वे के बाद बीमा कंपनियां ही मुआवजा देती हैं। बीमा कंपनियों से मुआवजा लेने वालों को क्षतिपूर्ति योजना का लाभ नहीं दिया जाता है।
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