हरियाणा में एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और कस्बों को ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए बाहरी रिंग रोड और बाईपास बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को इन परियोजनाओं को मंजूरी दी। इन पर करीब 9700 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मुख्यमंत्री ने सचिवालय में राष्ट्रीय राजमार्गों के कारण शहरी क्षेत्रों में बढ़ने वाले यातायात के दबाव को कम करने के लिए मास्टर प्लान के तहत बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने केंद्र सरकार की नीति के अनुरूप राज्य में वित्तीय मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए। केंद्र से लागत में राज्य के हिस्से को लेकर वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। बैठक में हिसार, कुरुक्षेत्र, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल बाईपास को मंजूरी दी गई।
हिसार बाईपास एनएच-52 के हिसार-राजगढ़ रोड को हिसार-दिल्ली रोड और हिसार-कैथल रोड से जोड़ेगा। कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की डीपीआर तैयार हो चुकी है और जल्द काम शुरू होगा।
नारनौल में करीब 11 किलोमीटर लंबा सिटी बाईपास बनाया जाएगा, जो एनएच-148बी से जुड़ेगा। जींद में एनएच-352 के दूसरी तरफ चार लेन का बाहरी रिंग रोड और बाईपास बनेगा। वहीं एनएच-919 से पलवल-सोहना बाईपास को री-डिजाइन कर करीब 24 किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क बनाई जाएगी।
इसके अलावा डीएनडी-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास को केएमपी लिंक से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है। करनाल रिंग रोड के लिए भूमि शेयर जमा कराया जा चुका है, जबकि अंबाला रिंग रोड का निर्माण जारी है।