चंडीगढ़ में हरियाणा राज्य बागवानी विकास एजेंसी के अधिकारियों के साथ बैठक करते कृषि एवं किसान क
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बैठक में कृषि मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को दिए कई आवश्यक निर्देश
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार राज्य के किसानों को इजराइल और जापान की तर्ज पर आधुनिक कृषि तकनीक से रूबरू करवाएगी। इससे किसान पानी के कम उपयोग और कम रासायनिक खादों से कृषि की बेहतरीन उपज कर सकेंगे। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने सचिवालय में बुधवार को एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत गठित हरियाणा राज्य बागवानी विकास एजेंसी की जनरल बॉडी की दूसरी बैठक में यह बातें कहीं।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में कृषि की घटती जुताई को देखते हुए किसानों को वर्टिकल बागवानी की तरफ प्रोत्साहित करें। इससे किसानों की कम क्षेत्र में खेती पर भी अधिक आमदनी हो सकेगी। वहीं, अधिकारी बागवानी क्षेत्र के बजट का सही उपयोग के लिए लक्ष्य तय करेंगे। उन्होंने किसानों की सब्सिडी भी जल्द ही उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से पहुंचने की प्रक्रिया को पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान कृषि एवं किसान कल्याण व बागवानी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजा शेखर वुंडरू, बागवानी विभाग के महानिदेशक रणबीर सिंह, विभागाध्यक्ष डॉ. अर्जुन सैनी सहित अन्य अधिकारी तथा एजेंसी के सदस्य उपस्थित थे।
दक्षिणी क्षेत्र में खजूर की खेती को प्रोत्साहन
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में सब्जी और फलों के करीब 400 क्लस्टर चिन्हित किए गए हैं। जिनमें पैक हाउस के लिए किसानों व किसान समूहों को अनुदान दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में कम पानी में खजूर की खेती पर योजनाएं शुरू होंगी। वहीं, एकीकृत बागवानी विकास योजना के तहत खजूर की खेती के लिए 1.60 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान किसानों को मिलेगा। इसी तरह प्रदेश में मशरूम की परियोजनाएं भी शुरू होंगी। अभी सोनीपत में मशरूम क्लस्टर विकसित किया जा रहा है।