अमर उजाला ने 24 सितंबर को बच्चों को किताबें नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद अब निदेशालय के मुताबिक कई स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों का अत्यधिक भंडार है, जबकि कुछ स्कूलों में किताबों की भारी कमी बनी हुई है।
हरियाणा के स्कूलों में नई शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए किताबों के वितरण में असंतुलन को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय पंचकूला ने सभी जिलों के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयकों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने जिलों में किताबों का पुनर्वितरण (रैशनलाइजेशन) सुनिश्चित करें।
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अमर उजाला ने 24 सितंबर को बच्चों को किताबें नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद अब निदेशालय के मुताबिक कई स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों का अत्यधिक भंडार है, जबकि कुछ स्कूलों में किताबों की भारी कमी बनी हुई है। विभाग ने जिलों को आदेश दिया है कि पहले ब्लॉक स्तर पर जिन स्कूलों के पास अतिरिक्त किताबें हैं, उनका बफर स्टॉक एकत्र किया जाए और जरूरतमंद स्कूलों में तत्काल बांटा जाए।
यदि किसी जिले में किताबों की आवश्यकता पूरी हो जाने के बाद भी अतिरिक्त स्टॉक बचता है, तो उसे उन जिलों के साथ साझा किया जाए जहां कमी बनी हुई है। शिक्षा विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि सत्र की शुरुआत में ही हर विद्यार्थी तक आवश्यक किताबें पहुंच सकें।
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विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों को किताबों की कमी न झेलनी पड़े। निदेशालय ने जिला अधिकारियों से रिपोर्ट भी मांगी है कि किस ब्लॉक में कितनी किताबों की कमी या अधिकता है। यह निर्देश निदेशक सामान्य प्राथमिक शिक्षा कार्यालय की ओर से जारी किए गए हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि यह कदम हर छात्र तक किताब अभियान को गति देगा और शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा प्रभाव डालेगा।