- टेंडर प्रक्रिया हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल से अनिवार्य रूप से लिंक होगी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने विभागीय समीक्षा बैठक में निर्देश दिए है कि प्रदेश में नहरों के दोनों ओर मौजूद अधिकृत जमीन की दोबारा पैमाइश कराई जाए और जहां भी अतिक्रमण मिले उसे तुरंत हटाया जाए। मुक्त करवाई गई भूमि पर बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जाए। उन्होंने कहा कि नहर किनारे हरियाली बढ़ाने के लिए वन विभाग और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करें ताकि व्यापक हरित पट्टी विकसित की जा सके।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में वन विभाग की 87 रेंज हैं और वर्तमान व्यवस्था के तहत पौधरोपण के ठेके 5 वर्ष की अवधि के लिए दिए जाते हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि पौधरोपण व उसके रखरखाव से संबंधित पूरी टेंडर प्रक्रिया को हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल के साथ अनिवार्य रूप से लिंक किया जाए। साथ ही पौधों के तैयार होने से लेकर उनके संरक्षण तक का पूरा रखरखाव टेंडर का हिस्सा होना चाहिए ताकि लगाए गए पौधे जीवित रहें और उनकी नियमित देखरेख की जा सके।
ईएसआई राशि जमा करवाने की सख्त निगरानी
मंत्री ने कहा कि पौधरोपण के ठेके लेने वाले सभी ठेकेदारों द्वारा अपने मजदूरों की कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) राशि हर महीने जमा करवाना अनिवार्य है। इस पर विभाग नियमित निगरानी करेगा। श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा और जहां लापरवाही मिलेगी वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि नर्सरी के लिए अलग बजट निर्धारण की योजना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है ताकि पौधों की पर्याप्त उपलब्धता तय की जा सके। सरकार का लक्ष्य है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत पंचायतों और अन्य सरकारी विभागों की भूमि पर हर वर्ष अधिक से अधिक पौधरोपण किया जाए और रखरखाव की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय हो।