अमर उजाला ने उठाया तो विधानसभा में गूंजा जर्जर स्कूलों का मुद्दा
जिन स्कूलों में बच्चे तय संख्या से कम हैं उनकी इमारत नहीं बनेगी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अमर उजाला की ओर से कैसी है पाठशाला अभियान के तहत उठाए गए प्रदेश के जर्जर सरकारी स्कूल भवनों का मुद्दा सोमवार को विधानसभा में भी गूंजा। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि झज्जर जिले के कई स्कूलों में कक्षाओं की हालत जर्जर हो चुकी है। सरकार की ओर से कई स्कूल भवनों को जर्जर घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद वहां पढ़ाई चल रही है। क्या राज्य सरकार राजस्थान के झालावाड़ में हुई घटना का हरियाणा में भी होने का इंतजार कर रही है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि जर्जर स्कूलों की मरम्मत और भवन बनाने के लिए राशि जल्द अलॉट की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में बच्चे तय संख्या से कम हैं उनकी इमारत नहीं बनेगी।
कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि झज्जर के गांव भदानी, बिरोहड़, गुढ़ा, ढाणा, धनिरवास, कबलाना, शेखुपुर, जोंधी, खेड़ी आसरा, भूरावास और झज्जर शहर के स्कूल नंबर 1 की हालत जर्जर है। कई ऐसे स्कूल हैं जिनके भवन को सात से आठ साल पहले असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। पिछले दो महीने में चार बार भूकंप आ चुका है। चारों बार भूकंप का केंद्र झज्जर ही रहा है। उन्होंने झज्जर विधानसभा क्षेत्र से भेदभाव का आरोप लगाया।
इस पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि किसी विधानसभा क्षेत्र से भेदभाव नहीं किया जा रहा है। जो भी जर्जर स्कूल हैं उनकी राशि जल्द अलॉट कर दी जाएगी। शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जर्जर स्कूलों में बच्चों को न बैठाएं। झज्जर जिले में 13 स्कूलों के भवन जर्जर घोषित हैं। इनकी मम्मत के लिए राशि मंजूर हो चुकी है। जल्द काम शुरू करा दिया जाएगा।