18 जनवरी 2024 को नारायणगढ़ थाना क्षेत्र से गांजा सप्लाई करते हुए दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। 20 जून 2024 को यमुनानगर के शादीपुर गांव से एक महिला को नशा तस्करी में गिरफ्तार किया गया। 13 सितंबर 2024 को पुलिस ने यमुनानगर रेलवे स्टेशन से नशा तस्करी के आरोप में तीन नाबालिग लड़कियों को पकड़ा। पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज ये घटनाएं यह बताने के लिए काफी हैं कि हरियाणा में महिला नशा तस्करों का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है।
प्रदेश में महिला तस्करों की गतिविधियां सभी जिलों में मिली है। हालांकि अपेक्षाकृत आठ जिलों में गतिविधियां ज्यादा हैं। इसमें सिरसा, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, हिसार, फरीदाबाद और गुरुग्राम शामिल हैं। ये जिले पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं। तीन साल में इन जिलों में एफआईआर और नशा तस्करों की गिरफ्तारी भी अन्य जिलों के मुकाबले ज्यादा हुई है।
2022 में सबसे ज्यादा सिरसा में 832, फतेहाबाद में 459, फरीदाबाद में 440, और कुरुक्षेत्र में 411 में नशा तस्कर गिरफ्तार हुए। इनमें 6 फीसदी महिला तस्कर हैं। 2023 में सबसे ज्यादा सिरसा में 843, फरीदाबाद में 450, कुरुक्षेत्र में 448, फतेहाबाद में 383, गुरुग्राम में 358 और यमुनानगर में 341 नशा तस्कर गिरफ्तार किए गए। इसमें चार फीसदी महिला तस्कर हैं। 2024 में फरीदाबाद में 387, सिरसा में 364, कुरुक्षेत्र में 328, गुरुग्राम में 322, यमुनानगर में 300, डबवाली में 291 और फतेहाबाद में 280 तस्कर गिरफ्तार हुए। इनमें सात फीसदी महिला तस्कर शामिल हैं।
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के मुकदमे लड़ने वाले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील मनोज कुमार के मुताबिक महिलाओं पर पुलिस को कम संदेह रहता है और कई बार महिला पुलिसकर्मियों के गैरमौजूदगी के कारण तलाशी न होने से महिलाएं आसानी से बच निकलती हैं। अपनी नशे को लत की पूर्ति करने लिए महिलाएं नशा तस्करी करने लगती हैं। इसी वजह से नशा सप्लाई करने वालों के निशाने पर महिलाएं रहती हैं।
पुलिस के मुताबिक महिला तस्कर सबसे ज्यादा अपने प्राइवेट पार्ट्स या फिर अंडर गारमेंट्स में ड्रग्स छिपाकर तस्करी करती हैं, ताकि आसानी से पकड़ में न आएं। ऐसे कई मामलों में महिला पुलिसकर्मियों ने तलाशी में ड्रग्स बरामद भी किए हैं। ये तस्करी के लिए कभी निजी वाहन का इस्तेमाल नहीं करती। सबसे ज्यादा ऑटो, टैक्सी या फिर बस में ज्यादा सफर करती हैं। पकड़े जाने की स्थिति बनने पर ये ड्रग्स वाहन के अंदर फेंक भी देती हैं।