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Chandigarh-Haryana News: पंचायतों में कुत्ते पकड़ने का अभियान तेज होगा, 1375 नोडल अधिकारी नियुक्त

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अभी तक 1588 कुत्ते पकड़े, 1455 कुत्तों की नसबंदी की गई
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अरुण शर्मा
चंडीगढ़। पंचायतों में कुत्तों को पकड़ने और उनकी नसबंदी का अभियान गति पकड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अभियान को गति देने के लिए पंचायतों में 1375 ग्राम सचिवों को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। अभी अभियान की गति बेहद धीमी है। 6 जिलों में हेल्पलाइन नंबर अभी तक संचालित नहीं हो सके। 10 जिलों में अभियान ही शुरू नहीं हो सका है। राज्य के 143 विकास खंडों में 6228 पंचायतें हैं। प्रदेश के 87 निकायों की ओर से 555 कुत्तों के आश्रय स्थल संचालित या चिह्नित किए गए हैं।
हरियाणा विकास एवं पंचायती राज विभाग के ब्योरे के अनुसार अभी तक शिकायतों के बाद ग्राम पंचायतों से 1588 कुत्ते पकड़कर निकायों के आश्रय स्थलों में छोड़े गए हैं। अभी तक 1455 कुत्तों की नसबंदी कराई गई है। फिलहाल अंबाला जिले में 10, भिवानी में 191, फरीदाबाद में 5, फतेहाबाद में 95, गुरुग्राम में 2, हिसार में 767, झज्जर में 11, महेंद्रगढ़ में 29, नूंह में 271, पलवल में 22, रेवाड़ी में 177, सोनीपत में 7 कुत्ते पकड़े गए हैं। विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक अनीश यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पंचायतों में कुत्ते पकड़ने की कार्रवाई शुरू की गई है। जो कुत्ते पकड़े जाते हैं उन्हें निकायों के आश्रय स्थलों में भेजा जाता है और वहीं उनकी नसबंदी होती है।
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इन 6 जिलों में हेल्पलाइन नंबर नहीं
विकास एवं पंचायत निदेशालय के अनुसार फरीदाबाद जिले में हेल्पलाइन नंबर के लिए आवेदन किया गया है। गुरुग्राम, कैथल, करनाल, नूंह, यमुनानगर जिलों में भी अभी हेल्पलाइन नंबर शुरू नहीं हो सके हैं। चरखी दादरी, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, पंचकूला, रोहतक, सिरसा, यमुनानगर जिलों में कुत्तों को पकड़ने का अभियान ही शुरू नहीं हो पाया है।
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सरपंच बोले- कई जगह शुरू नहीं हुआ अभियान
हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के राज्य प्रधान रणबीर समैण का कहना है कि प्रदेश की कई पंचायतों में कुत्तों की जटिल समस्या है। मुख्यालय ने कोई जानकारी नहीं मांगी है। यदि ऐसा अभियान चलाया जाएगा तो सहयोग के लिए तैयार हैं। फतेहाबाद के बड़ोपल की सरपंच रेशमा का कहना है कि कुत्तों के काटने और हमले करने से संबंधित शिकायतें आईं थीं। कुछ दिनों पहले कुत्ते पकड़े गए। रोहतक के बहलवा की सरपंच ज्योति कहती हैं कि अभी कोई अभियान शुरू नहीं हुआ। यमुनानगर के खानूवाला की सरपंच नीलम कहती हैं कि कुत्तों की समस्या को लेकर ब्योरा मांगा गया था मगर अभी आगामी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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