हरियाणा के हड़ताली डॉक्टरों और राज्य सरकार के बीच वीरवार रात सहमति बन गई। इसके बाद हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) के डॉक्टर देर रात काम पर लौट आए।
बैठक के दौरान एसोसिएशन ने जिला अस्पतालों में नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती का मुद्दा उठाया। दरअसल इस बार राज्य सरकार ने कई नवनियुक्त डॉक्टरों को सिविल अस्पताल में सीधे नियुक्त किया है जबकि उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ समय के लिए तैनाती दी जानी थी। इससे उनकी समयबद्ध अवधि में एसीपी नहीं मिलने का खतरा पैदा हो गया था। इस पर सहमति बनी कि यदि सरकार नई भर्ती चिकित्सा अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात नहीं करती है, तो शहरी स्वास्थ्य सुविधा में तैनाती के कारण उन्हें एसीपी मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि हड़ताल की अवधि के दौरान डॉक्टरों की अनुपस्थिति की अवधि को देय अवकाश माना जाएगा, बशर्ते एचसीएमएस एसोसिएशन स्वास्थ्य सेवाओं को फिर से बाधित नहीं करेगा। इन सहमति के बाद डॉक्टरों ने तत्काल हड़ताल वापस लेने पर सहमति बन गई।
वीरवार शाम करीब साढ़े छह बजे बैठक शुरू हुई। बैठक के दौरान डॉक्टरों ने अपनी सभी मांगें एक बार फिर से उठाई। इस पर सरकार ने कहा कि एसीपी पर सहमति नहीं बन सकती मगर इसके एवज में आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने वाले डॉक्टरों को इन्सेंटिव दिया जाएगा। डॉक्टर इस पर राजी हो गए और लिखित आश्वासन की मांग की। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री आला अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आवास जाकर उनसे मुलाकात की और डॉक्टरों को दिए गए प्रस्ताव और उनके आश्वासन के बारे में अवगत कराया। इस पर सैनी ने भी कहा कि जिन बातों पर सहमति बनी है, उस बारे उन्हें लिखित आश्वासन दे दिया जाए। इसके बाद डॉक्टर हड़ताल तोड़ने के लिए राजी हो गए।