अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार 160 सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) की सीधी भर्ती करने जा रही है। पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसकी मंजूरी दी गई है। अब इस भर्ती को लेकर विरोध शुरू हो गया है।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री समेत सभी आला अधिकारियों को इस सीधी भर्ती को रोकने का आग्रह किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि इस पर रोक नहीं लगाई गई तो डॉक्टर हड़ताल पर उतरेंगे।
मालूम हो कि प्रदेश में एसएमओ के 644 पद हैं जिनमें से 219 खाली हैं। स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई विभागीय बैठक में डॉक्टरों के खाली पदों को लेकर मुद्दा उठा था और इन पदों को जल्द से जल्द भरने के निर्देश दिए गए थे। बाद में 160 एसएमओ के पदों पर भर्ती को लेकर सहमति बनी।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. राजेश ख्यालिया ने बताया कि संगठन लंबे समय से एसएमओ की भर्ती का विरोध कर रहा है। सीधी भर्ती की वजह से डॉक्टरों के बीच गतिरोध पैदा हो चुके हैं। सीधी भर्ती से ही 95 फीसदी से अधिक मेडिकल ऑफिसरों को अपने पूरे जीवनकाल में सिर्फ एक ही बार पदोन्नति मिल पाती है।
इसका असर डॉक्टरों के परफार्मेंस पर भी पड़ता है। पदोन्नति के अवसरों में कमी के कारण कई डॉक्टरों ने वीआरएस भी ले लिया है।
सीएम व स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को दिए ज्ञापनों में एसोसिएशन ने बताया कि हरियाणा को छोड़ किसी अन्य राज्य में एसएमओ की सीधी भर्ती का प्रावधान नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूर्व में स्वास्थ्य मंत्री रहे अनिल विज ने एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाने के आदेश दिए थे।