पिछले कई दिनों से जारी बारिश से हरियाणा में डेंगू-मलेरिया के केसों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पिछले तीन दिन में पूरे राज्य में डेंगू के 36 नए केस आए हैं। नए केसों को मिलाकर राज्य में डेंगू के कुल 436 मरीज अब तक आ चुके हैं।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया को काफी हद तक काबू कर लिया था। 2021 से 2023 तक मलेरिया के केस 100 से पार नहीं हुए थे। मगर पिछले सीजन से मरीजों में बढ़ोतरी होने लगी है। 2024 में मलेरिया के 124 केस सामने आए थे, जबकि इस बार चार सितंबर में ही मलेरिया के केस 112 हो गए हैं। वहीं, जिन शहरों में पिछले दो साल से मलेरिया केस नहीं आ रहे, अब वहां भी मलेरिया केस दर्ज किए गए हैं। कुरुक्षेत्र में पिछले दो साल से मलेरिया केस नहीं आ रहे थे, मगर इस बार वहां भी दो केस आए हैं। इसी तरह भिवानी में भी मलेरिया के केसों को भी काबू कर लिया गया था, वहां भी दो केस दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कुरुक्षेत्र में जो केस दर्ज किए गए हैं, दोनों ही प्रवासी नागरिक हैं। दरअसल मलेरिया के पैरासाइट लिवर में पहुंचते हैं, जो तुरंत नहीं बल्कि कुछ दिन बाद जब वे परिपक्व हो जाते हैं तो उसका असर शरीर में दिखने लगता है। जिससे मलेरिया के लक्षण काफी दिन बाद दिखते हैं, जो रुटीन के चेकअप में पकड़ में भी नहीं आते हैं।
अंबाला 4
भिवानी 3
दादरी 13
फरीदाबाद 8
फतेहाबाद 1
गुरुग्राम 49
हिसार 13
करनाल 29
महेंद्रगढ़ 10
रेवाड़ी 124
रोहतक 31
सोनीपत 33
यमुनानगर 18
डेंगू के बढ़ते केसों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम व बचाव की कार्यवाही तेज कर दी है। डेंगू मरीजों के लिए सिविल अस्पतालों और सीएचसी व पीएचसी में 241 वार्ड और 1050 बिस्तर आरक्षित रखे गए हैं। राज्य के निजी अस्पतालों में कुल 72 एफेरेसिस मशीनें कार्यरत हैं। वहीं, घर-घर जाकर मच्छरों के प्रजनन स्रोतों की पहचान और उन्मूलन के लिए गतिविधियां चलाई जा रही हैं। वहीं, मलेरिया के निदान के लिए सभी जिलों में घर-घर जाकर बुखार की निगरानी बढ़ा दी गई है। हर महीने की पहली से दस तारीख तक मलेरिया के बुखार के मामलों की जांच के लिए सभी गांवों में रैपिड फीवर सर्वे किया जा रहा है।