अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में बिजली बिलों में बढ़ोतरी का आरोप लगाते हुए इनेलो ने सरकार को घेरा है। प्रदेश के पूर्व बिजली मंत्री व इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए आरोप लगाया कि बिलों में बढ़ोतरी करके जनता को लूटा जा रहा है। बिजली वितरण कंपनियों की वित्त वर्ष 2025-2026 के लिए फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट (एफएसए) के लिए रेगुलेशन-68 में छूट की मांग अनुचित है। उन्होंने हरियाणा इलेक्टि्रसिटी रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) में याचिका दायर करके एफएसए को पूरी तरह से खारिज करने की मांग की है।
प्रो. संपत ने बताया कि उन्होंने याचिका में नियमों के उल्लंघन के लिए वितरण लाइसेंस पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब आगामी सुनवाई 14 मई को होगी। जनता को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। संपत ने आरोप लगाया कि 47 पैसे प्रति यूनिट सरचार्ज पहले से लगाए हुए हैं। अब दोबारा से बिजली वितरण कंपनियों ने एचईआरसी में अतिरिक्त चार्ज लगाने की मांग की है जोकि पूरी तरह से अनुचित और अवैध है। यह विद्युत विनियामक आयोग विनियमों और विद्युत अधिनियम-2003 के कई प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि घाटे की भरपाई के लिए बिलों में बढ़ोतरी करके सभी उपभोक्ताओं पर बोझ डाला जा रहा है मगर बकायेदारों से वसूली नहीं की जा रही है। उन्होंने हरियाणा में तीसरे एग्री डिस्काम बनाने की मंशा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अतिरिक्त खर्चा क्यों किया जा रहा है। किसानों को सुविधाएं देने के लिए व्यवस्थाओं में सुधार करें। जनगणना को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि पहली बार जातिगत गणना हो रही है जोकि पूरी तरह से गलत है। महिलाओं को राजनीति में आरक्षण को लेकर कहा कि विपक्ष ने विरोध नहीं किया बल्कि सरकार की राजनीतिक मंशा ही गलत थी इसलिए इस बिल का विरोध हुआ।