- छह जिलों में नए अध्यक्ष बनाने की तैयारी, जातीय समीकरण के साथ क्षेत्रीय संतुलन साधने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस संगठन में बदलाव की तैयारी कर रही है। छह जिलों में नए जिलाध्यक्षों की तलाश के साथ पार्टी चार कार्यकारी प्रदेशाध्यक्षों की पुरानी व्यवस्था को फिर अपनाने पर विचार कर रही है। दिल्ली में इस प्रस्ताव पर सहमति के बाद प्रदेश के नेताओं ने अपने-अपने खेमे के नेताओं के लिए पैरवी तेज कर दी है। प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र के मुताबिक अभी इस पर विचार चल रहा है।
प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के कमान संभालने के बाद संगठन में प्रमुख सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर मंथन हो रहा है। चर्चा है कि जाट, ब्राह्मण, अनुसूचित जाति और वैश्य-पंजाबी वर्ग से एक-एक कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष बनाया जा सकता है। जाट वर्ग में पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह, जयदीप सिंह धनखड़ और सचिन कुंडू के नाम चर्चा में हैं।
ब्राह्मण वर्ग से जितेंद्र कुमार भारद्वाज, कुलदीप वत्स, डॉ. शिवशंकर भारद्वाज, नीरज शर्मा और कुलदीप शर्मा दावेदारों में हैं। अनुसूचित जाति वर्ग से प्रदीप नरवाल, नरेश सेलवाल, अनिल धंतौड़ी, जयवीर सिंह वाल्मीकि, बलबीर सिंह वाल्मीकि और सांसद वरुण चौधरी के नाम सामने आए हैं। वैश्य-पंजाबी वर्ग से वीरेंद्र सिंह, दिव्यांशु बुद्धिराजा, लखन सिंगला, अशोक बवानीवाला, धर्मपाल गुप्ता और रोहित जैन के नाम चर्चा में हैं।
जिलाध्यक्षों के बदलाव के लिए हिसार और सिरसा जिलों का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। हिसार के बजरंग दास गर्ग इस्तीफा दे चुके हैं। पंचकूला और फरीदाबाद में ग्रामीण-शहरी संगठन के लिए अलग-अलग अध्यक्ष बनाने और हांसी में नया जिलाध्यक्ष नियुक्त करने पर विचार चल रहा है। प्रदेश संगठन महासचिव पद को लेकर सबसे अधिक खींचतान है। कोषाध्यक्ष पद पर भी मंथन जारी है। राष्ट्रीय स्तर पर दो-तीन नए नेताओं को सचिव की जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है।