- सेवा जारी रखने के लिए 55 वर्ष की आयु पूरी होने से छह माह पहले भेजना होगा प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शिक्षा विभाग में 55 की उम्र पूरी होने के बाद 58 वर्ष तक नौकरी जारी रखने की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजने में अब लेट लतीफी नहीं चलेगी। कर्मचारी के 55 वर्ष की आयु पूरी होने से छह माह पहले ही 58 वर्ष तक सेवा जारी रखने का प्रस्ताव सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ मुख्यालय भेजना होगा। समय पर प्रस्ताव नहीं भेजने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा के अतिरिक्त निदेशक की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि कर्मचारियों के 55 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद सेवा जारी रखने के मामले मुख्यालय भेजे जा रहे हैं जबकि नियमों के अनुसार इनका प्रस्ताव पहले ही भेजा जाना चाहिए। विभाग ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि 55 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले प्रस्ताव भेजना सुनिश्चित करें।
55 की उम्र में सेवानिवृत्त करने का अधिकार
दरअसल सरकार के पास नियमों के तहत कर्मचारी की 55 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद उसके कार्य व सेवा रिकॉर्ड के आधार पर उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का अधिकार है। ऐसे में 55 से 58 वर्ष तक सेवा जारी रखने के लिए विभागीय स्तर पर मंजूरी जरूरी है। इसके लिए मुख्य सचिव की ओर से 27 अप्रैल 2018 को जारी निर्देशों का पालन करना होगा।
एक माह में लेना होता है फैसला
ऐसे मामलों में क्षेत्रीय कार्यालयों से प्रस्ताव मुख्यालय पहुंचने के बाद निदेशालय स्तर पर एक माह में उस पर फैसला लेना होता है। विभाग का कहना है कि पहले भी समय पर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए थे लेकिन इसके बावजूद कई प्रस्ताव कर्मचारी के 55 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद भेजे जा रहे हैं।