-सिरसा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को अन्य जजों के साथ बैठक कर समझाने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरसा जिले की अदालतों के एनडीपीएस के मामलों में कामकाज में लापरवाही पर नाराज़गी जताई है। जस्टिस एनएस शेखावत ने कहा कि एनडीपीएस मामलों में सुनवाई को हल्के में लेना अस्वीकार्य है और न्यायिक अधिकारियों से गंभीरता की उम्मीद की जाती है।
मामला भगिरथ बनाम हरियाणा सरकार से जुड़ा है। भगिरथ को अप्रैल 2021 में 1 किलो 700 ग्राम अफीम की बरामदगी के आरोप में काबू किया गया था। उन्हें 06 अगस्त 2021 को अंतरिम ज़मानत मिली थी और तब से वे नियमित रूप से ट्रायल कोर्ट में पेश हो रहे हैं। हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष का कोई गवाह पेश नहीं हुआ है। जज ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के विभिन्न जजों ने आदेश कैज़ुअल और लापरवाह तरीके से दिए हैं। कोर्ट ने सिरसा के सेशंस जज को निर्देश दिया है कि वे जिले के सभी न्यायिक अधिकारियों की बैठक बुलाएं और उन्हें हिदायत दें कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाए। साथ ही, एक महीने में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। इस बीच, कोर्ट ने भगिरथ की अंतरिम ज़मानत को नियमित ज़मानत में बदलते हुए आदेश दिया कि वह हर सुनवाई पर ट्रायल कोर्ट में पेश हों और बिना अनुमति अनुपस्थित न रहें।