पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़कर अपने मुल्क लौटने का सख्त आदेश है। हरियाणा में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को प्रदेश छोड़ने की समयावधि रविवार को खत्म हो गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तरफ से दो दिन में तीन बार पाकिस्तानी नागरिकों को प्रदेश छोड़ने का अल्टीमेटम दिया जा चुका है। अब सरकार प्रदेश में रह रहे अवैध पाकिस्तानी नागरिकों पर कार्रवाई करेगी।
सूत्रों के मुताबिक नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के अंतर्गत आने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को राहत मिल सकती है। मेडिकल वीजा पर प्रदेश में इलाज करा रहे पाकिस्तानी नागरिकों को राज्य से बाहर जाने के लिए 29 अप्रैल तक का समय निर्धारित किया गया है। हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार कई पहलुओं पर खुफिया विभाग, एजेंसियां और राज्य पुलिस पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान और उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने पर काम कर रही है। इसी कारण सरकार की तरफ से राज्य में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों और अल्टीमेटम के बाद प्रदेश से बाहर भेजने वालों की कोई स्पष्ट संख्या भी नहीं उजागर की जा रही है।
फतेहाबाद जिले में पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों के करीब 27 लोग रहे हैं। ये लोग 2006 में आकर बसे थे। एसपी सिद्धांत जैन ने बताया कि ये लोग नागरिकता संशोधन कानून के तहत भारत में रह रहे हैं। केंद्र सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक इन्हें पाकिस्तान नहीं भेजा जा रहा है। वहीं हिसार के बालसमंद में आठ महीने से रह रहे पाकिस्तान से आए हिंदू परिवार को 24 अप्रैल को दिल्ली में शिफ्ट कर दिया गया था। इस परिवार में कुल 15 लोग हैं।